हरिद्वार,यातायात पुलिस अधीक्षक लोकजीत सिंह को लगातार दूसरे वर्ष चारधाम यात्रा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा रही है। इस बार उन्हें कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया गया है। पिछले साल उनके काम के लिए उन्हें मेडल भी दिया गया था। कंट्रोल रूम में उनके साथ एएसपी मुकेश ठाकुर तकनीकी सहायता के लिए तैनात रहेंगे। इसके अलावा डीएसपी पूर्णिमा गर्ग भी कंट्रोल रूम में तैनात रहेंगी। आईजी रेंज कार्यालय में स्थापित हो रहे इस सेंटर में सीआईडी इंस्पेक्टर भरत सिंह, सतबीर बिष्ट और दूर संचार इंस्पेक्टर प्रमोद पेटवाल भी मौजूद रहेंगे
चारधाम यात्रा मार्ग को पहली बार सुपर 15 जोन, 41 जोन और 137 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर का क्षेत्र 10 किलोमीटर रहेगा। यहां पर पुलिसकर्मी 24 घंटे गश्त और अन्य ड्यूटी करेंगे।पूरे यात्रा मार्ग पर छह हजार से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था व यातायात व्यवस्था संभालेंगे। चारधाम यात्रा की निगरानी के लिए पहली बार रेंज कार्यालय में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। इसकी कमान एसपी ट्रैफिक देहरादून लोकजीत सिंह के हाथ में रहेगी। इसके अलावा चारधाम यात्रा-2025 का नोडल अधिकारी आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप को बनाया गया है
प्रत्येक सेक्टर में 10 किलोमीटर की दूरी तय की गई है, जहाँ दो-दो कांस्टेबल 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। साथ ही, 9 अपर पुलिस अधीक्षक रूट प्रभारी और चारों धामों में 1-1 पुलिस उपाधीक्षक को प्रभारी नियुक्त किया गया है।यात्रा की सुगमता हेतु 24 पुलिस उपाधीक्षक, 66 निरीक्षक, 366 उपनिरीक्षक, 1222 कांस्टेबल, समेत होमगार्ड, पीआरडी, पीएसी और SDRF की भारी संख्या में तैनाती प्रस्तावित है।यात्रा मार्गों पर सुचारु यातायात हेतु विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। नए एक्सप्रेसवे के शुभारंभ को देखते हुए यमुनोत्री मार्ग पर अतिरिक्त हॉल्टिंग और पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है।
ऋषिकेश और विकासनगर में विशेष कैंप स्थापित किए जाएंगे, जहाँ यात्रियों और वाहनों की निगरानी और प्रबंधन किया जाएगा।तैनात पुलिस बल को यात्रा प्रबंधन से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। कंट्रोल रूम में एक वेलफेयर ऑफिसर भी नियुक्त किया जाएगा, जो बल के रहने, खाने और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखेगा। पुलिस प्रशासन ने विगत वर्षों की चुनौतियों का विश्लेषण कर इस बार उन सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की योजना बनाई है, जिससे श्रद्धालुओं को निर्बाध और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके