हरिद्वार, चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी के दिन घोषित कर दी गई है। भगवान बद्री विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 18 मई दिन मंगलवार की सुबह 4:15 पर विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे। वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीख महाशिवरात्रि (11 मार्च) के दिन उखीमठ में तय की जाएगी। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट हर वर्ष अक्षय तृतीया के दिन खुलते हैं। बता दें कि इस साल अक्षय तृतीया 14 मई को है। चारधाम यात्रा पर विगत साल कोरोना का बड़ा असर पड़ा। सभी धामों में पहुंचने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या 4.48 लाख रही। जबकि यही संख्या पिछली बार रिकॉर्ड 34.10 लाख रही। यही स्थिति धामों की कमाई की भी रही। सालाना 55 करोड़ की कमाई इस बार आठ करोड़ पर सिमट गई है। धामों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कम संख्या की स्थिति ये रही कि यमुनोत्री धाम में तो आंकड़ा दस हजार के पास भी नहीं पहुंचा
मिली जानकरी के अनुसार आज वसंत पंचमी के दिन चार धाम मे से बद्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी के दिन घोषित कर दी गई है। भगवान बद्री विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 18 मई दिन मंगलवार की सुबह 4:15 पर विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे। इस साल सिर्फ आठ हजार श्रद्धालु ही पहुंचे। जबकि पिछले साल यहां 4.66लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। कोरोना के कारण पहले तो इस बार कपाट समय पर नहीं खुले। कपाट खुले, तो श्रद्धालुओं को दर्शन की मंजूरी नहीं दी गई। सिर्फ पूजा पाठ तक गतिविधि सीमित रही। पहले चरण में सिर्फ जिले के भीतर के लोगों को मंजूरी दी गई। दूसरे चरण में राज्य के भीतर के श्रद्धालुओं ने ईपास के जरिए दर्शन किए।
तीसरे चरण में राज्य से बाहर के लोगों को तमाम शर्तों के साथ मंजूरी दी गई। इन बंदिशों और कोरोना के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सीमित ही रही। श्रद्धालुओं की इस सीमित संख्या के कारण मंदिरों में दान दक्षिणा, भेंट, चढ़ावा भी सीमित रहा। 55 करोड़ की कमाई का आंकड़ा आठ करोड़ तक सीमित रहा।