देहरादून, झण्डा मेले मे भक्तों का उमड़ा जनसैलाब, चारों और जयकारों की गूंज

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खुशियां नाल मनाईये जन्मदिन सद्गुरु दा…….. देखो देखों गुरां दा देखों झण्डा चढ़या….. , श्री गुरु राम राय जी महाराज व श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जयकारों के साथ बुधवार को श्री झण्डा साहिब का आरोहण किया गया। आस्था के महाकुंभ का साक्षी बनने के लिए श्री दरबार साहिब में बुधवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लाखों संगतें व दूनवासी श्री झण्डे जी के सम्मुख श्रद्धा के साथ शीश नवाए व हाथ जोड़े खड़े रहे। हर कोई श्री झण्डा साहिब के समक्ष मत्था टेकने और श्री गुरु राम राय जी महाराज के दर्शन को श्रद्धापूर्वक भावविभोर रहा। 

उत्तराखंड के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों व विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु इस अविस्मरणीय पल के साक्षी बने। दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज की अगुआई में शाम चार बजकर 19 मिनट पर झंडेजी का आरोहण किया। इस दौरान पूरा दरबार परिसर गुरु महाराज के जयकारों से गूंज उठा। झंडेजी के दर्शन के लिए दरबार साहिब परिसर के अलावा आसपास की दुकानों व घरों की छतों पर भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।झंडेजी के आरोहण के साथ शुरू होता है मेलाप्रत्येक वर्ष होली के पांचवें दिन चैत्र मास की पंचमी पर दरबार साहिब परिसर में ऐतिहासिक झंडेजी के आरोहण के साथ मेला शुरू होता है। झंडेजी के आरोहण के अद्भुत पल का दीदार व इस पुण्य को अर्जित करने के लिए तकरीबन दो हफ्ते पहले श्रद्धालुओं के दून पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे यह पल नजदीक आता गया, श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ता गया।

बुधवार सुबह सात बजे पूजा अर्चना के साथ पुराने झंडेजी (ध्वज दंड) को उतारने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान दरबार साहिब परिसर संगत से खचाखच भर गया। पूजा-अर्चना के बाद झंडेजी को दूध, घी, शहद, गंगाजल से स्नान करवाया। इसके बाद नए झंडेजी पर गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया के तहत सादे, शनील व अंत में ग्राम व पोस्ट लधाना जिला चिक्का नवाशहर पंजाब के राजेंद्र पाल सिंह व सतनाम सिंह के परिवार ने दर्शनी गिलाफ चढ़ाया। हर कोई दर्शनी गिलाफ को छूकर पुण्य अर्जित करने के लिए लालायित नजर आया।

शाम तीन बजकर 50 मिनट पर झंडेजी के आरोहण की प्रक्रिया शुरू हुई 29 मिनट बाद शाम चार बजकर 19 मिनट पर आरोहण हुआ। झंडेजी का आरोहण होते ही पूरा माहौल श्री गुरु राम राय महाराज की जय, जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल, सच्चे दरबार की जय, दरबार साहिब की जय आदि जयकारों से गूंज उठा। संगतें ढोल की थाप पर नृत्य करने लगीं। भावावेश में कई श्रद्धालुओं की आंखें भी नम हो गईं। वहीं, बाहर से आई कुछ संगतें झंडेजी का आरोहण संपन्न होने के बाद शाम को ही दरबार साहिब में माथा टेक अपने शहरों के लिए रवाना हुई।

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