हरिद्वार,बिहार की राजनीति ने आज एक ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है. मुंगेर जिले की तारापुर विधानसभा सीट से विधायक और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता सम्राट चौधरी अब बिहार के नए मुख्यमंत्री बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. बिहार बीजेपी विधान मंडल की बैठक में उनके नाम पर आधिकारिक मुहर लग गई है. यह बड़ा बदलाव तब हुआ जब नीतीश कुमार ने सक्रिय मुख्यमंत्री की भूमिका छोड़ने और राज्यसभा के जरिए अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करने का फैसला किया.
मिली जानकारी अनुसार सम्राट चौधरी कल 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि अभी औपचारिक ऐलान होना बाकी है। इससे पहले नीतीश कुमार करीब 20 साल तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे और आज उनके इस्तीफे के साथ ‘नीतीश युग’ का अंत हो गया है। नीतीश ने अपने कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट में इस्तीफे की बात रखी। इसके बाद वह सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ मिलकर अपना इस्तीफा देने पहुंचे। अब बस कुछ ही देर में एनडीए विधायक दल की बैठक होगी और इसके बाद सीएम के नाम का औपचारिक ऐलान हो सकता है।
सम्राट चौधरी को जानिए…
16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी की शादी ममता कुमारी से हुई थी. इनके पिता का नाम शकुनी चौधरी है, वही माता का नाम पार्वती देवी है. सम्राट चौधरी को एक बेटा और एक बेटी है. उनके पिता शकुनी चौधरी की गिनती एक समाजवादी नेता के रूप में होती है. शकुनी चौधरी कभी लालू प्रसाद यादव के खास हुआ करते थे. कालांतर में शकुनी चौधरी ने अपनी राजनीतिक दिशा को नया आयाम दिया और वह नीतीश कुमार के साथ हो गए.
सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है. उनके पिता शकुनी चौधरी की गिनती राज्य के बड़े नेताओं में होती है. सम्राट चौधरी ने अपने पिता के सानिध्य में ही राजनीति की शुरुआत की थी. मजे की बात यह है कि जिस आरजेडी, लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी विरोध करते हैं, उन्हीं लालू प्रसाद यादव की पाठशाला में सम्राट चौधरी ने राजनीति के क, ख, ग को सीखा था. उन्होंने आरजेडी से ही अपनी राजनीति की शुरुआत की थी.
राज्य के 24वें CM
सम्राट बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. सम्राट चौधरी ने मंत्री बनने से लेकर के मुख्यमंत्री बनने तक के सफर में कई मिथक को भी तोड़ दिया है. वह बिहार के दूसरे ऐसे नेता हैं जो पहले डिप्टी सीएम रहे और उसके बाद अब सीएम बने हैं.
