हरिद्वार,दिल्ली में लाल किला के पास हुए बम धमाके में नई जानकारी सामने आई है। जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम ने दिल्ली एवं उत्तराखंड पुलिस के सहयोग से जिले के बनभूलपुरा क्षेत्र से बिलाली मस्जिद के इमाम तथा उसके एक सहयोगी को गिरफ़्तार कर लिया और दोनों को दिल्ली ले गई। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की
नैनीताल जिले में एनआईए टीम ने दिल्ली ब्लास्ट मामले में काफी महत्वपूर्ण सबूत, सुराग व साक्ष्यों के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में उठाया है। हल्द्वानी में एजेंसी की टीम की ओर से हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से गुप्त स्थान में पूछताछ की जा रही है। उत्तराखंड में दिल्ली ब्लास्ट के कनेक्शन के बाद कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले में पहले एक महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया था। लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।
हल्द्वानी में काफी संवेदनशील माना जाने वाले बनभूलुपरा क्षेत्र में एनआईए की टीम ने काफी सोच समझकर शनिवार की तड़के सुबह करीब ढाई बजे लाइन नंबर आठ में मस्जिद के पास ही किराए के मकान में रहने वाले मौलाना के घर में जाकर कार्रवाई की। ताकि क्षेत्र में कोई तनाव की स्थिति पैदा न हो जाए। बताया जा रहा है कि बिलाल मस्जिद के इमाम मौलाना मो. आसिम कासिमी मूल रूप से उत्तरप्रदेश रामपुर जिले के टांडा दड़ियाल का रहने वाला है। वहीं जवाहर नगर खिचड़ी महोल्ला निवासी इलेक्ट्रीशियन नजर कमाल यहीं परिवार के साथ रहता है। सूत्रों की मानें तो एनआईए टीम दिल्ली ब्लास्ट को लेकर कई काल डिटेल खंगाल रही थी। दिल्ली के लाल किला के पास हुए ब्लास्ट का मुख्य आरोपित डा. मुज्जमिल शकील गनई, जिस फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता और रिसर्च करता था। उसका कनेक्शन अब उत्तराखंड के नैनीताल से मिला है।आरोपितों की काल डिटेल के आधार पर उत्तराखंड से भी कई संदिग्ध नंबर मिले थे। इसके बाद ही यह कार्रवाई की जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद तनाव की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार रात व शनिवार की सुबह से ही बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है। संदिग्धों से पुलिस की टीम पूछताछ करने के साथ ही उनपर नजर भी बनाए हुए है। एसएसपी मंजुनाथ टीसी का कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। एनआईए, एसटीएफ आदि की टीम ने कार्रवाई की है। जिले में पुलिस अलर्ट मोड में है।














