हरिद्वार,दिसंबर 2025 में हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना कराना IndiGo एयरलाइंस को महंगा पड़ गया। नागरिक उड्डयन नियामक (DGCA)ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंडिगोपर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही एयरलाइन के वरिष्ठ प्रबंधन के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई भी की गई है। बयान के अनुसार, “डीजीसीए ने इंडिगो को ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को मौजूदा ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से मुक्त करने का निर्देश दिया है। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को फ्लाइट ऑपरेशंस और क्राइसिस मैनेजमेंट पर अपर्याप्त ओवरऑल निगरानी के लिए चेतावनी दी है।”
मामले की जांच भी हुई थी और कमेटी के अनुसार, इस रुकावट के मुख्य कारण ऑपरेशंस का ओवर-ऑप्टिमाइजेशन, रेगुलेटरी तैयारियों में कमी, सिस्टम सॉफ्टवेयर सपोर्ट में कमियां, मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में खामियां और एयरलाइन की तरफ से ऑपरेशनल कंट्रोल में कमी थी। डीजीसीए के 22.2 करोड़ के जुर्माने में 68 दिनों तक नियमों का पालन न करने पर 30 लाख का रोजाना का जुर्माना शामिल है। कुल जुर्माने में 1.8 करोड़ के एक बार के सिस्टमैटिक जुर्माना भी शामिल हैं।
इससे पहले, डीजीसीए ने शुक्रवार को कहा कि घरेलू विमानन कंपनी, इंडिगो ने तीन से पांच दिसंबर के बीच उड़ान रद्द होने से प्रभावित सभी यात्रियों के पैसे वापस कर दिए हैं। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा, “डीजीसीए तीन से पांच दिसंबर के बीच परिचालन रुकावटों से प्रभावित यात्रियों को वापस की जाने वाली राशि और मुआवजे के संबंध में घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।” नियामक ने एक बयान में कहा, “इंडिगो ने बताया कि तीन दिसंबर से पांच दिसंबर के दौरान इंडिगो उड़ानों के रद्द होने के प्रभावित यात्रियों को पैसे वापस का काम पूरा हो गया…।”
