देवबंद।ब्यूरो चीफ ख्लेंदर गांधी की रिपोर्ट) राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) व आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने संयुक्त रुप से छापा मारकर बिहार निवासी एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। देवबंद में देर रात हुई रात छापामारी से हड़कंप मच गया बताया जाता है कि एनआईए ने विदेशी फंडिंग के मामले में संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिसे वह अपने साथ लेकर गई है।
शनिवार की अलसुबह एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम ने नगर के मोहल्ला खानकाह स्थित बड़ा दरवाजा में एक किराये के मकान में पत्नी बच्चों के साथ रह रहे संदिग्ध को हिरासत में लिया है। वह बिहार राज्य के जिला कटिहार के थाना बलरामपुर कमरा टोला गांव निवासी नदीम पुत्र स्व. शमशुलहक बताया बताया गया है। जानकारी मिली है कि नदीम वर्ष 2008 में नगर के एक मदरसे में शिक्षा ग्रहण कर चुका और वर्तमान में एक कुतुबुखाना (पुस्तकों की दुकान) में कार्य कर रहा था। विदेशी फंडिंग के मामले में एनआईए द्वारा उसे उठाए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। टीम संदिग्ध के साथ ही उसकी पत्नी और बच्ची को भी साथ लेकर देवबंद के एटीएस सेंटर लेकर गई थी। लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। जबकि नदीम को टीम अपने साथ दिल्ली ले गई। एक लैपटॉप भी उसके पास से मिला। जिसे एनआईए ने कब्जे में लिया है। माना जा रहा है इसमें महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व एनआईए महाराष्ट्र, मालेगांव और जम्मू कश्मीर में छापामारी कर चुकी है। जहां से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। ऐसा बताया जा रहा उनसे मिले इनपुट के आधार पर ही नदीम को उठाया गया है। हालांकि आधिकारिक रुप से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि एनआईए के डीएसपी को फोर्स उपलब्ध कराया गया था। कहां छापामारी की और किसको साथ लेकर गए। एनआईए उन्हें इसकी जानकारी नहीं देती।
पाकिस्तान में कॉल करता था संदिग्ध
देवबंद। एनआईए ने जिस संदिग्ध को हिरासत में लिया है। चर्चा है कि वह पडोसी देश पाकिस्तान में कॉल करता था। उसके पास से टीम कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। जिसके चलते टीम संदिग्ध को अपने साथ दिल्ली लेकर गई है। वहीं, बताया गया है कि एनआईए ने उस दुकान को भी खंगाला है जहां संदिग्ध नौकरी कर रहा था। दुकान और मकान मालिक से भी पूछताछ करने की चर्चाएं हैं।