हरिद्वार, थाना पथरी क्षेत्र के गुरुद्वारे के सेवादार की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार किया है। अवैध संबंधों के चलते दोनों ने मिलकर सेवादार की हत्या की थी। मृतक सुखपाल अमृतसर के एक गुरुद्वारे में सेवादार की नौकरी करता था। आरोपित रितिक ऋषिकेश के एक गुरुद्वारे में सेवादार है।
18 मार्च को थाना पथरी क्षेत्र के शाहपुर माड़ी के पास एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। मृतक की पहचान सुखपाल निवासी शाहपुर शीतलाखेड़ा के रूप में हुई थी। अगले दिन मृतक के भाई पवन की शिकायत पर थाना पथरी में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया जिसके बाद पुलिस ने आस पास में लगे सीसीटीवी कैमरे देखने शुरू किए
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि सुखपाल की पत्नी रितु और उसके प्रेमी रितिक निवासी ग्राम टांडा जीतपुर भिक्कमपुर लक्सर को बृहस्पतिवार की शाम हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। इसके बाद दोनों ने पूरा राज उगल दिया और सुखपाल सिंह की हत्या को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। बताया कि रितु के रितिक से अवैध संबंध थे। दोनों के संबंधों में सुखपाल बाधा बन रहा था। वह अक्सर दोनों के फोन पर बात करने को लेकर नाराज रहता था और पत्नी को मना करता था।
बावजूद इसके दोनों चोरी छुपे बातचीत करते हुए मिलते थे। इसमें बाधा बनने पर दोनों ने मिलकर सुखपाल को रास्ते से हटाने का प्लान बना दिया। रितु के कहने पर रितिक ने सुखपाल की हत्या कर दी। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। रितिक ऋषिकेश के एक गुरुद्वारे में सेवादार है।
एसएसपी ने बताया कि सुखपाल अमृतसर पंजाब में एक गुरुद्वारे में सेवादार थे। पत्नी रितु गांव में ही रह रही थी। रितु ने घर में किसी रिश्तेदार के आने की बात कहकर सुखपाल को यहां बुलाया। पत्नी के बुलाने पर 17 मार्च को वह यहां आए और लक्सर बस अड्डे पहुंचा। यहां योजना के मुताबिक रितिक कार लेकर आया और सुखपाल को रिसीव किया। बस अड्डे से गांव के लिए निकलने के दौरान उसने सुखपाल को बातों में उलझा लिया।
इसके बाद पहले उन्हें शराब पिला दी, जिससे वह किसी तरह का विरोध न कर सके। अधिक नशा होने पर रितिक ने मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव झाड़ी के पास फेंक दिया। सुखपाल को रास्ते से हटाने के बाद अब दोनों आरोपियों ने मामला ठंडा होने पर शादी करने की योजना बनाई थी।