हरिद्वार,2027 के अर्धकुंभ के मद्देनजर हरिद्वार और ज्वालापुर क्षेत्र में मीट-अंडे की दुकानों को पूरी तरह बंद करने का प्रस्ताव है, जिससे लगभग 10,000 लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। स्थानीय पार्षद और निवासी इस फैसले पर विरोध जता रहे हैं। इससे पहले भी सावन के दौरान प्रतिबंध की मांग और छापेमारी की खबरें आती रही हैं।
नगर निगम बोर्ड की अप्रैल में होने वाली बैठक के प्रस्तावों का अभी से विरोध शुरू हो गया है। नगर निगम की आगामी बोर्ड बैठक में ज्वालापुर क्षेत्र में पके हुए मीट के होटलों तथा अंडा बिक्री पर रोक लगाने को लेकर प्रस्ताव लाया जा रहा है। जिसकी भनक लगते ही ज्वालापुर क्षेत्र के पार्षदों ने मेयर को ज्ञापन देकर प्रस्ताव को एजेंडे से हटाने की मांग की है। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल का कहना है कि इस प्रकार का प्रतिबंध संविधान के तहत मिले जीवन और आजीविका के अधिकार का उल्लंघन होगा। साथ ही, यह निर्णय जनहित के खिलाफ बताया गया है। कांग्रेसी पार्षदों का कहना है कि ज्वालापुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस प्रतिबंध के लागू होने से एक लाख से अधिक लोग प्रभावित होंगे, जबकि करीब 10 हजार लोगों का रोजगार संकट में पड़ सकता है। उन्होंने मेयर किरन जैसल से मांग की है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को नगर निगम बोर्ड के एजेंडे से हटाया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में पार्षद विवेक भूषण विक्की, अहसान अंसारी, अरशद के अतिरिक्त नईम अख्तर कुरैसी, इरफान अंसारी, अकरम अंसारी, पुनीत कुमार, साजिद अली, शहाबुददीन आदि मौजूद रहे।
