हरिद्वार नगरी में बम भोले के जयकारों की गूंज 76लाख कावड़ियों ने भरा जल

हरिद्वार में इन दिनों सड़कों पर कावड़ियों की भीड़ देखने को मिल रही है वही सड़को पर हर जगह सुंदर-सुंदर झाकियां कावड़िया लेकर हरिद्वार पहुंच रहे है कांवड़ मेला के चौथे दिन हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ा दिखा। रविवार को कुल 31 लाख 50 हजार शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। कांवड़ यात्रा शुरू होने से अब तक 76 लाख 85 हजार से अधिक शिवभक्त विभिन्न राज्यों के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।

हरकी पैड़ी से अपने गंतव्य की ओर कांवड़ यात्री रंग-बिरंगी और आकर्षक कांवड़ लेकर चल रहे हैं। डाक कांवड़ यात्रियों ने भी भव्य झांकियां बनाई है। यात्रा के दौरान कुछ स्थानों पर डीजे की धुन पर शिवभक्त झूम रहे हैं। इस बार कांवड़ यात्रा में अपने माता-पिता को हरिद्वार कांवड़ यात्रा पर लाने और कांवड़ मेला दिखाने वालों की संख्या भी काफी है।

 

आज कांवड़ यात्रा का चौथा दिन

 

अभी कांवड़ यात्रा को शुरू हुए विधिवत चार दिन हो चुके हैं। मेला कंट्रोल रूम में स्थापित पुलिस कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार कांवड़ मेले के चौथा दिन रविवार को बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री गंगा जल लेने के लिए विभिन्न राज्यों से हरिद्वार पहुंचे हैं। हरिद्वार से कांवड़ ले जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, शनिवार को हरिद्वार से 20 लाख से अधिक कांवड़ यात्री गंगा जल लेकर लौटे।

रविवार सुबह से शांतिकुंज से लेकर बहादराबाद तक हाईवे पर कांवड़ झांकियों से सजा जा रही है। जबकि कुछ अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। शिव भक्तों ने अलग-अलग तरह की झांकी बनाई है। इसके साथ ही कांवड़ पटरी पर भी कांवड़ यात्रियों की चहलकदमी बढ़ गई है। हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर कांवड़ यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है।

प्रशासन के अनुसार प्रमुख स्नान घाटों, हरकी पैड़ी, कांवड़ मार्गों तथा संवेदनशील स्थलों पर पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और विभिन्न विभागों के अधिकारी लगातार निगरानी रखी जा रही है। यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जिला प्रशासन ने सभी शिवभक्तों से अपील की है कि वे निर्धारित कांवड़ मार्गों का ही उपयोग करें, प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित कांवड़ यात्रा के संचालन में सहयोग दें।

 

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