उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार बाबा प्रकरण में स्वयं को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने वाले जिम संचालक दीपक कुमार से जुड़े मामले की सुनवाई की. कोर्ट ने राज्य सरकार को जनवरी में हुई घटना से संबंधित सभी प्राथमिकी की जांच पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
मंगलवार को न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में दीपक कुमार उर्फ अक्की समेत अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में दीपक ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की। साथ ही यह भी कहा गया कि जिन लोगों ने कोटद्वार में आकर हंगामा किया और हमला करने की कोशिश की, उनके खिलाफ पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की।दीपक कुमार और उनके मित्र विजय रावत द्वारा 13 मार्च को दायर याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा एक स्थानीय निवासी की शिकायत पर की गई है, जो पक्षपातपूर्ण है और उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से दर्ज की गई है।
याचिका में कहा गया है कि दीपक ने आरोपियों के नाम, फोन नंबर, वाहन की जानकारी और वीडियो सबूत पुलिस को दिए, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने मुकदमा अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कर केस को कमजोर किया। अब तक न तो किसी की गिरफ्तारी हुई और न ही ठोस जांच।
दीपक का यह भी आरोप है कि पुलिस ने 26 और 31 जनवरी की घटनाओं के वीडियो को नजरअंदाज करते हुए “गलत कहानी” के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
‘चंदे’ पर हाईकोर्ट सख्त
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने एक अहम सवाल उठाते हुए दीपक से उनके बैंक खाते में आ रहे ‘चंदे’ का पूरा विवरण मांगा है। दीपक ने बताया कि इस घटना के बाद उन्हें देशभर से समर्थन मिला और उनके बैंक खाते में स्वैच्छिक चंदा जमा हुआ। उन्होंने कहा कि यह राशि बिना किसी मांग के आई और इसकी जानकारी प्रशासन व बैंक को दी गई है।हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इन लेन-देन का पूरा ब्योरा मांगा है और पुलिस से उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी भी तलब की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता नवनीश नेगी के अनुसार, मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की गई है
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से भिड़ा था मोहम्मद दीपक:गौरतलब है कि उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित कोटद्वार में हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर बाबा सिद्धबली के नाम से है. यहां देश के कोने-कोने से भक्त अपनी मनोकामना लेकर आते हैं. बाबा सिद्धबली के नाम पर यहां कई दुकानों के नाम में ‘बाबा’ लिखा रहता है. मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद ने भी अपनी दुकान का नाम ‘बाबा’ स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर रखा है. दिलचस्प बात ये है कि बोर्ड पर दुकानदार ने जहां अपना नाम बहुत ही छोटे अक्षरों में लिखा है, वहीं ‘बाबा’ शब्द बड़े और बोल्ड अक्षरों में लिखा है. इसी ‘बाबा’ नाम को लेकर बजरंग दल ने आपत्ति जताई थी और इसे हटाने को कहा था. तभी एक युवक अपना नाम मोहम्मद दीपक बताते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से भिड़ गया था.
