उत्तराखंड, बड़ी संख्या में पंजाब से निहंगो का उत्तराखंड कुच पुलिस ने रोका

हरिद्वार,चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। बृहस्पतिवार को करीब 200 निहंग सिखों के जत्थे ने चंडीगढ़ से हिमाचल प्रदेश की सीमा से उत्तराखंड में प्रवेश करने का प्रयास किया। पांवटा साहिब गुरुद्वारे में करीब दो घंटे तक प्रशासन, पुलिस और निहंग सिखों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। निहंग सिखों का जत्था कुल्हाल पुल पार कर चेकपोस्ट पर पहुंच गया। पुलिस बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन वे हेमकुंड साहिब जाने की बात पर अड़े हुए है और नारेबाजी कर रहे हैं। उधर, चंडीगढ़ से कुछ और निहंग सिखों के उत्तराखंड कूच करने की सूचना आ रही है

विकासनगर सीओ विवेक सिंह कुटियाल ने बताया कि कुल्हाल में हिमाचल और उत्तराखंड के बॉर्डर पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की वार्ता चल रही है. बता दें कि नगरासू-कर्णप्रयाग विवाद के बाद निहंग सिखों ने 25 जून को उत्तराखंड कूच का ऐलान किया था, जिसके बाद से ही उत्तराखंड पुलिस अलर्ट हो गई थी. 24 जून शाम से ही उत्तराखंड और हिमाचल सीमा पर स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस एवं आईटीबीपी के जवान तैनात कर दिए गए थे. उत्तराखंड और हिमाचल सीमा को छावनी में तब्दील किया हुआ है.

16 जून (कर्णप्रयाग विवाद): पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें तलवारों के हमले से चार स्थानीय लोग घायल हो गए थे। इस मामले में चार निहंगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

नगरासू गुरुद्वारा मामलाः बीते शनिवार को कुछ निहंगों ने नगरासू स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब के ऊपरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। उनका आरोप था कि कर्णप्रयाग मामले में स्थानीय सेवादारों ने उनकी मदद नहीं की। हालांकि, मंगलवार को स्थानीय प्रशासन और पंजाब के शिष्टमंडल की मध्यस्थता के बाद गुरुद्वारे को मुक्त करा लिया गया था।

हमारी 3 मुख्य मांगें हैं. पहली मांग है कि जिस पुलिस ऑफिसर ने निहंग के खिलाफ केस किया, उसने गलत किया. यह बिल्कुल साफ है कि मामला किसने शुरू किया. आईओ यानी जांच अधिकारी को टर्मिनेट किया जाए.”- जसदीप सिंह, अकाली

 

“दूसरी मांग दोषी पुलिस ऑफिसर के खिलाफ एक्शन लिया जाए. तीसरी मांग है कि जिन पुलिस ऑफिसर ने हमारे लोगों को कोर्ट में पेश किया और बिना केस के उन्हें पुलिस स्टेशन में रखा, उन्हें टर्मिनेट किया जाए.”- जसदीप सिंह, अकाली

 

“हम मांग करते हैं कि ऐसा करने वाले सभी पुलिस ऑफिसर को सस्पेंड किया जाए. हम यहां से तभी वापस जाएंगे, जब हमारे 4 निहंग हमारे साथ चलेंगे. हमें रोका नहीं जाए. हमें रुद्रप्रयाग जाने दिया जाए.”- जसदीप सिंह, अकाली

 

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