मणिपुर के उखरुल जिले में सोमवार को संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में ड्यूटी के दौरान उत्तराखंड के दो जवान शहीद हो गए वही खबर सुनकर परिवारों में शोक की लहर है। हमले में उत्तराखंड के वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन चंद्र मोहन सिंह शहीद हो गए। शहीदों की पहचान पौड़ी गढ़वाल निवासी हवलदार (जीडी) चंद्रमोहन सिंह और अल्मोड़ा निवासी वारंट ऑफिसर (जीडी) बलवंत सिंह के रूप में हुई है। दोनों का पोस्टमॉर्टम उखरुल में किया जा रहा है। इसके बाद पार्थिव शरीर उत्तराखंड भेजे जाएंगे। बुधवार शाम तक उनके पैतृक गांव पहुंचने और गुरुवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होने की संभावना है।
हमला नुंगशांग कोंग के पास उस समय हुआ, जब जवान अपनी ड्यूटी पूरी कर शांगशाक बटालियन मुख्यालय लौट रहे थे। हमलावरों ने अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी की और आईईडी विस्फोट किए। हमले के बाद इलाके में कई घंटों तक गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं। दोनों जवानों के पार्थिव शरीर शांगशाक स्थित असम राइफल्स कैंप में रखे गए हैं। प्रशासन के अनुसार, बुधवार को उनके पार्थिव शरीर उत्तराखंड स्थित उनके पैतृक घरों के लिए भेजे दिए गए हैं।
मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसी हिंसक घटनाएं राज्य में शांति और सौहार्द के प्रयासों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई और कहा कि दोषियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
