हरिद्वार,उत्तराखंड के मसूरी में भारी बारिश के कारण तीन जगहों पर हुए भूस्खलन और पहाड़ दरकने से पानीवाला बैंड के समीप बने आवासीय भवनों, होटलों और रेस्टोरेंटों पर गंभीर खतरा मंडरा गया है, जिसके चलते करीब 14 लोग अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं
स्थानीय लोगों द्वारा शासन-प्रशासन से सुरक्षा की मांग की गई है. साथ ही नाले में तेज बहाव के कारण हो रहे भू कटाव के समाधान की भी मांग की जा रही है. मसूरी-देहरादून मार्ग पर भी कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है. हालांकि, लोक निर्माण विभाग द्वारा जेसीबी मशीन लगाकर सड़क पर आ रहे मलबे को साफ किया जा रहा है, लेकिन अभी भी खतरा बना हुआ है.
मसूरी में शनिवार से देर रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है । बारिश के साथ शहर में घना कोहरा छाए रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से मसूरी-देहरादून मार्ग सहित शहर की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही और वाहन चालकों को सावधानी से सफर करना पड़ा।
शहर में लगातार बारिश के चलते मौसम में ठंडक लौट आई है। तापमान में गिरावट के कारण लोगों और पर्यटकों को हल्के गर्म कपड़ों की सहारा लेना पड़ा । वहीं, खराब मौसम के बावजूद पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ। हल्की बारिश के बीच भी पर्यटक माल रोड पर घूमते और मौसम का आनंद लेते नजर आए। बारिश और कोहरे ने जहां शहर की रफ्तार धीमी कर दी, वहीं पर्यटक स्थल भी धुंध की चादर में लिपटे नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहले से ही प्रभावित जनजीवन पर मौसम की मार और बढ़ गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. नदी नाले के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है. प्रदेश में कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. शासन-प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए गए हैं.
