हरिद्वार,टीवीके के प्रमुख सी. जोसेफ विजय कल राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। सबसे बड़ी पार्टी के नेता के रूप में विजय ने शनिवार को चेन्नई के लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 120 विधायकों के मजबूत समर्थन के साथ सरकार बनाने का अपना दावा आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया।
एक्टर विजय पहले रविवार दोपहर 3.15 बजे शपथ लेने वाले थे, लेकिन अब समय में बदलाव किया गया है. वे सुबह 10 बजे शपथ लेंगे. विजय इससे पहले लगातार तीन दिनों तक राज्यपाल से मीटिंग के बावजूद सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन नहीं दिखा पाए थे, लेकिन शनिवार को स्थिति पूरी तरह बदल गई. अब उनके पास 120 विधायकों का समर्थन है.
कांग्रेस ने छोड़ा डीएमके का साथ, टीवीके को किया सपोर्ट
कांग्रेस ने डीएमके के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन अब उसने साथ छोड़ दिया है. कांग्रेस ने चुनाव में 5 सीटें जीती थीं, उसने विजय की पार्टी टीवीके को सपोर्ट किया है. वामदलों ने भी अपने चार विधायकों के साथ विजय का समर्थन किया है. वहीं वीसीके और आईयूएमएल की वजह टीवीके बहुमत का आंकड़ा पार कर ही चुकी है.
दो साल पुरानी विजय की टीवीके ने इस चुनाव में डीएमके और एआईएडीएमके जैसी द्रविड़ राजनीति के धुरंधरों को पीछे छोड़ते हुए 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में सफलता हासिल की. हालांकि, विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक छोड़नी होगी, इसलिए पार्टी के विधायकों की वास्तविक संख्या 107 है.
डीएमके साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं. तमिलनाडु चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस डीएमके से अलग होकर, टीवीके को समर्थन देने वाली पहली पार्टी बनी थी. वामदलों ने भी अपने चार विधायकों के साथ विजय को समर्थन देने का ऐलान किया है. अब वीसीके और आईयूएमएल के जुड़ने से टीवीके बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है. बता दें कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है.
विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन
टीवीके के 107, कांग्रेस के 5, वामदलों के 4 और वीसीके-आईयूएमएल के 2-2 विधायकों के समर्थन से विजय के पास अब 120 विधायकों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े से 2 ज्यादा है. वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन इस बात से नाराज थे कि विजय ने व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के बजाय व्हाट्सऐप संदेश के जरिए समर्थन मांगा था. आईयूएमएल ने भी शुरुआत में सख्त रुख अपनाते हुए खुद को डीएमके के साथ बताया था. लेकिन शनिवार सुबह टीवीके नेताओं की वीसीके और आईयूएमएल नेतृत्व से मुलाकात के बाद स्थिति बदल गई.
