उत्तराखंड, पुलिस प्रशासन नहीं रोक पाया चंद्रशेखर आजाद को केतन के घर जाने से

हरिद्वार,उत्तराखंड के टिहरी के देवल गांव में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की निर्मम हत्या के बाद न्याय की मांग को लेकर परिजनों से मिलने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने शुरुआत में हरिद्वार में रोक दिया था। लेकिन भारी विरोध और प्रशासन की सख्ती के बावजूद अंततः उन्होंने मंगलवार (30 जून) को प्रतापनगर के देवल गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया

सांसद चंद्रशेखर आजाद के देवल गांव पहुंचते ही परिजनों ने उनके सामने अपनी पीड़ा और आपबीती साझा की। इससे पूर्व 18 जून काे सांसद चंद्रशेखर आजाद उनसे मिलने आ रहे थे, लेकिन उन्हें हरिद्वार में रोक दिया गया था। बाद में प्रशासन की ओर से 30 जून को मुलाकात का समय निर्धारित किया गया, जिसके अनुसार शासन-प्रशासन की निगरानी और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच सांसद देवल गांव पहुंचे। उन्होंने केतन के पिता धनपाल लाल से घटना की विस्तृत जानकारी ली।

परिजनों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ हर समय मजबूती से खड़े हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि केतन के साथ जिस प्रकार की घटना हुई वह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उत्तराखंड की शांत वादियों में इस प्रकार की घटनाएं किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए।

सांसद ने परिवार को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह न्याय की इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लडेंगे।

 

मुलाकात के दौरान परिजनों ने घटना से जुड़ी पूरी आपबीती सांसद को बताई जिसे सुनकर वह भावुक हो गए उन्होंने परिवार को धैर्य रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि न्याय मिलने तक उनकी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

 

सांसद के दौरे को देखते हुए देवल गांव और आसपास के क्षेत्र में पुलिस एवं प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनी रही।

गांव में ही रुके सांसद

सांसद चंद्र शेखर आजाद आज रात प्रतापनगर के देवल गांव में मृतक केतन लाल के परिवार के साथ गांव में ही रहेंगे। बताया कि पीड़ित परिवार से विस्तृत चर्चा के बाद वह कल सुबह वापस लौटेंगे।

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