हरिद्वार, उत्तराखंड में कानून के रखवाले ही उड़ा रहे कानून की धज्जियां रात 12 बजे एसपी सिटी साहब बार बंद कराने पहुंचे तो अंदर स्वयं बैठे मिले आईजी साहब इस दौरान आईजी साहब ने एसपी सिटी को आदेश देते हुए कहा पुलिस के साथ वापस जाओ इस मामले की जानकारी देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल को मिली जिसके बाद एसएसपी साहब अपनी टीम के साथ हाथ में डंडा लिए बार पहुंचे और 1:00 बजे बार को बंद कराया गया
मिली जानकारी अनुसार गत 30 मार्च ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या कर दी गई थी। यह घटना भी बार-पब की इसी मनमानी का नतीजा थी। आरोपी मसूरी रोड स्थित जेनजी बार में सुबह छह बजे शराब पीकर निकले थे। इस पर पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई और सभी बार को रात 11 बजे तक की समय सीमा का पालन करने की चेतावनी दी गई।
यही नहीं पुलिस ने कई बार और रेस्टोरेंट के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी अपने हाथ में ले ली। सीसीटीवी पर ही करीब 12:30 बजे रोमियो लेन के बाहर भीड़भाड़ का नजारा दिखा था। इस पर एसपी सिटी प्रमोद कुमार कई थानों की फोर्स लेकर बार बंद कराने पहुंच गए।
अगला पल उनके लिए भी चौंकाने वाला था। सामने आईजी साहब निकलकर आए जो खुद अपने दोस्तों के साथ वहां पार्टी कर रहे थे। एसपी सिटी ने बार खाली कराना चाहा तो आईजी ने उन्हें रौब दिखाया और फोर्स के साथ वहां से जाने के लिए है।
आईजी साहब के इस दखल की जानकारी एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को मिली तो उनके गुस्से का ठिकाना न रहा। वह खुद बार पहुंचे और हाथ में डंडा थाम लिया। सारे स्टाफ को भूतल पर ले आए और भविष्य के लिए चेतावनी दी। तब तक आईजी वहां से जा चुके थे। बार की यह घटना वहां के सीसीटीवी कैमरों में कैद है।
रोमियो लेन बार-रेस्टोरेंट में शनिवार रात हुए विवाद ने अब पुलिस मुख्यालय भी शामिल हो गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) वी. मुरुगेशन ने मामले में आइजी राजीव स्वरूप और एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
पुलिस मुख्यालय ने विभिन्न मीडिया माध्यमों में प्रसारित खबरों का संज्ञान लेते हुए पूरे घटनाक्रम को गंभीर माना है व दोनों अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर तथ्यात्मक आख्या भेजने के निर्देश दिए। पूछा गया कि मौके पर वास्तविक स्थिति क्या थी और कार्रवाई किस परिस्थितियों में हुई।
बता दें कि, घटनाक्रम के बाद सोमवार को दिनभर इंटरनेट मीडिया पर यह मामला चर्चा में रहा। इंटरनेट मीडिया पर लगातार आ रही प्रतिक्रियाओं के बीच पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। अब मुख्यालय स्तर की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि पूरे विवाद की पृष्ठभूमि क्या रही।
