हरिद्वार नगर निगम भूमि प्रकरण में फंसे दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को कोई राहत नहीं केंद्र सरकार ने उनके निलंबन की अवधि अगले छह महीने के लिए बढ़ा दी है। इसके बाद दोनों अधिकारी अब आगामी छह महीने तक निलंबित रहेंगे

हरिद्वार,हरिद्वार नगर निगम भूमि प्रकरण में फंसे दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। केंद्र सरकार ने उनके निलंबन की अवधि अगले छह महीने के लिए बढ़ा दी है। इसके बाद दोनों अधिकारी अब आगामी छह महीने तक निलंबित रहेंगे।

इस मामले में तत्कालीन हरिद्वार जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त वरुण चौधरी पहले से निलंबित चल रहे हैं। दोनों अधिकारियों का एक वर्ष का निलंबन पूरा होने के बाद मामले की समीक्षा की गई…लेकिन निलंबन समाप्त करने के बजाय इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया।

3 जून को दोनों अधिकारियों के निलंबन का एक वर्ष पूरा हो गया था. नियमानुसार इस अवधि के बाद उनके मामले की समीक्षा की जानी थी और यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि उन्हें कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि, समीक्षा के बाद केंद्र सरकार ने निलंबन को समाप्त करने के बजाय उसे छह महीने के लिए और बढ़ाने का निर्णय लिया. इससे साफ संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां और सरकार अभी इस मामले को पूरी तरह समाप्त मानने के पक्ष में नहीं हैं.

 

हरिद्वार भूमि घोटाले में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन की खरीद और भुगतान को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं. इसी आधार पर हरिद्वार के तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और नगर निगम आयुक्त वरुण चौधरी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की गई थी. अब केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद दोनों अधिकारियों को कम से कम अगले छह महीने तक बहाली का इंतजार करना पड़ेगा.

 

पीसीएस अफसर को भी राहत मिलने की कम ही उम्मीद: इस निर्णय का असर इस मामले में निलंबित अन्य अधिकारियों पर भी पड़ सकता है. विशेष रूप से पीसीएस अधिकारी अजयवीर सिंह के लिए भी फिलहाल राहत की संभावनाएं कम नजर आ रही हैं. अजयवीर सिंह भी इसी प्रकरण में निलंबन झेल रहे हैं. हालांकि, उनके मामले में छह महीने के भीतर होने वाली समीक्षा समिति की बैठक अब तक आयोजित नहीं हो सकी है. ऐसे में उनके निलंबन को बढ़ाने या बहाल करने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. लेकिन आईएएस अधिकारियों के निलंबन को आगे बढ़ाए जाने के बाद यह माना जा रहा है कि अजयवीर सिंह को भी जल्द राहत मिलने की संभावना कम है.

सरकार का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने और कानूनी औपचारिकताएं समाप्त होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल दोनों आईएएस अधिकारियों का निलंबन आगामी छह महीने तक प्रभावी रहेगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *