उत्तर प्रदेश,अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि की चोरी के मामले में पुलिस और विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ा खुलासा किया है, जिसमें मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों और उनके करीबियों की मिलीभगत सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर कोतवाली रामजन्मभूमि में 8 मुख्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिररफ्तार आठ अभियुक्तों में छह अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय का यही काम था। इस दौरान दानपात्रों को खाली करने में ही छोटे-मोटे आभूषणों पर भी हाथ साफ किया गया। रामशंकर यादव टिन्नू किसी को भी बिना तलाशी के अंदर-बाहर करवाने की हैसियत में था, इसलिए उसने अपने स्तर पर काम किया। रिटायर बैंक कर्मी सुभाष श्रीवास्तव गणना का इंजार्ज था, आरोप है कि उसने मॉनीटरिंग में अनदेखी की और सब कुछ होते रहने देने दिया। बताया जाता है कि राम मंदिर परिसर में लगे करीब 40 दानपात्रों से निकलने वाले नकद चढ़ावे में अधिकांश नोट मुड़े-तुड़े होते थे। इन नोटों को पहले सीधा कर बंडल बनाया जाता था और एक दिन के लिए सुरक्षित रखा जाता था। इसके बाद बैंक कर्मचारियों की मौजूदगी में मशीनों से नोटों की गणना होती थी। गणना पूरी होने के बाद स्लिप लगाकर नकदी को बक्सों में सील कर बैंक में जमा कराया जाता था
समीर चौगांवकर: इतना बड़ा मामला सामने आने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत चुप क्यों हैं। जिन लोगों ने किया है क्या योगी आदित्यनाथ बुलडोजर चलाएंगे। रही बात चंपत राय कि तो जब उन्हें ये लगने लगा था कि वो यहां के सेवक नहीं है बल्कि वो इसके मालिक बन गए हैं। मुझे लगता है कि ट्रस्ट के लोगों को इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर इस्तीफा नहीं देते तो पूरे ट्रस्ट को बर्खास्त कर देना चाहिए। जिस बात की चर्चा अयोध्या की गली-गली में थी क्या वो बात चंपत राय को नहीं मालूम थी?
विनोद अग्निहोत्री: राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मामला तब आया था जब दो करोड़ की जमीन 18 करोड़ में खरीदी गई थी। वहीं, अंकुश लगना चाहिए था। लोगों के रोष को देखते हुए इस्तीफे की खबर चलाई गई है। अब इसका न खंडन हो रहा है न ही पुष्टि हो रही है। जिन पर एफआईआर हुई है वो सिर्फ प्यादे हैं। सीसीटीवी अगर बंद हो गए तो ये कोई टिन्नू तो अकेले नहीं करा सकता है। ट्रस्ट जो बना उस ट्रस्ट का ही ट्रस्ट खत्म हो गया है। इसलिए मुझे लगता है ट्रस्ट को भंग किया जाना चाहिए
