हरिद्वार ,थाना सदर बाजार, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने दिल्ली रोड पर टाटा कंपनी के डायमंड शोरूम में हुई चोरी का खुलासा कर दिया है। घटना को अंजाम देने के लिए चोर ने दिन-रात छत पर बिताई। मुख्य आरोपी ने अपनी मां, भाई और भाभी के साथ ही गिरोह बना रखा था। पुलिस ने तीन करोड़ के हीरे-सोने के आभूषण व 45 हजार रुपये बरामद किए हैं। इस खुलासे के लिए महिला IPS सहित 3 IPS अधिकारी लगाए गए थे. यूपी-उत्तराखंड के 2000 हजार से जायदा CCTV कैमरे खंगालने के बाद चोरों की पूरी फैमिली पुलिस के हत्थे चढ़ गई है.
23 जनवरी को चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, जिस स्थान पर चोरी हुई, वह इलाका जिले का हाई-प्रोफाइल और हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है. शोरूम के ठीक सामने पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) का आवास व कार्यालय स्थित है, जबकि महज कुछ दूरी पर पुलिस चौकी भी है. इसके बावजूद चोरों द्वारा दीवार काटकर शोरूम में घुसकर करोड़ों की चोरी कर लेना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर गया था.
इस घटना के खुलासे के लिए सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह और DIG/SSP आशीष तिवारी ने IPS स्तर के अधिकारियों को लगाया था. इसके अलावा थाना सदर पुलिस SOG सर्विलांस टीम को भी खुलासे के लिए लगाया गया था. शुरुआत में ही पुलिस को कई सुराग हाथ लगे थे जिसके बाद पुलिस की टीम यूपी- उत्तराखंड तक चोरों की तलाश में जुट गई थी. इलेक्ट्रॉनिक और मैन्युअल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने इस मामले में इरशाद उर्फ काला और उसके भाई दिलशाद के साथ-साथ उसकी मां काली, भाभी सीमा और भाभी सलमा को गिरफ्तार किया है.
कबाड़ी बनकर पहुंचा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, यह पूरा गिरोह चोरी के आभूषणों को दूसरे राज्यों में खपाने का काम करता था. पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी इरशाद उर्फ काला ने खुलासा किया कि वह पहले भी करोड़ों रूपये की चोरी के मामलों में जेल जा चुका है और जेल से छूटने के बाद उसने कबाड़ी का भेष बनाकर करीब एक माह तक CARATLANE शोरूम की रेकी की थी. उसने जानबूझकर खराब मौसम वाली रात को वारदात के लिए चुना ताकि बारिश के बीच सड़क पर गतिविधियां कम रहे और वो आसानी से अपना काम करके निकल जाए.
आरोपी ने बताया कि वह अकेला ही घटना से एक दिन पहले ही बगल की इमारत की छत के रास्ते शोरूम की छत पर पहुंच गया था, जहां उसने शराब पी, खाना खाया और वहीं रात गुजार दी. अगले दिन रात में उसने बिजली की केबल काटकर इलेक्ट्रिक कटर से छत और दरवाजे काटे, फिर दीवार काटकर शोरूम में घुसा और हीरे-सोने के आभूषण तथा नकदी चोरी कर ली. सीसीटीवी से बचने के लिए उसने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और बाहर निकलते समय पहचान छिपाने के लिए लंगड़ाकर चलने की एक्टिंग की. रास्ते में उसने अपने कपड़े भी बदल लिए थे.
पकड़े जाने के बाद का बना रखा था प्लान
पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने की स्थिति में पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने पहले से आर्टिफिशियल जेवरात भी खरीद रखे थे, ताकि असली चोरी के माल की जगह नकली जेवर दिखाए जा सकें. पुलिस टीम ने सहारनपुर, हरिद्वार, रुड़की और देहरादून क्षेत्र के करीब दो हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई. आरोपी इरशाद पर पहले से 27 मुकदमे दर्ज हैं. इरशाद के परिजन चोरी का माल दूसरे राज्यों में खपाने के लिए उसकी मदद करते थे. आज भी वो जब चोरी के माल को खपाने के लिए जा रहे थे तो सबको दबोच लिया गया.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 100 परसेंट रिकवरी करते हुए 67 ब्रेसलेट, 17 मंगलसूत्र, 32 जोड़ी बाली, दो गले के सेट, 18 पेंडेंट, तीन चार्म्स, 90 अंगूठियां, 32 चैन, 11 चूड़ियां, 45,100 रुपये नकद और 40 पीस आर्टिफिशियल आभूषण बरामद किए हैं. बरामद माल की कुल कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है.
