हरिद्वार, आज साल का पहला चंद्रग्रहण है जिसके चलते मंदिरों और घरों में पूजा पाठ नहीं हुई इस दौरान मंदिरों के कपाट भी रहे बंद जैसे ही ग्रहण समाप्त हुआ तभी से भक्तों की भीड़ गंगा घाटों पर लग गई और भक्तों ने स्नान कर मन्दिरों में पूजा पाठ किया ग्रहण काल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचकर पूजा-पाठ, मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन कर रहे हैं।
पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में डूबा नजर आया, जहां श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद दीप जलाकर और भगवान का स्मरण कर विशेष अनुष्ठान कर रहे है सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों और व्यक्तियों पर पड़ता है. ग्रहण के समय मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है, जबकि खाना बनाना, भोजन करना और शुभ कार्य शुरू करना वर्जित बताया गया है. ग्रहण से पहले सूतक काल भी लगता है, जिसे अशुभ समय माना जाता है. सूतक काल में विशेष सावधानी बरतने और भगवान का नाम लेने की सलाह दी जाती है.
