हरिद्वार,अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य हैं या नहीं, इसे लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान सामने आया है. उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद को पूज्य शंकराचार्य जी कहकर संबोधित किया और कहा कि वह अच्छे से स्नान करें और इस विषय को यहीं खत्म करें. यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य पद को लेकर विवाद तेज है.
अविमुक्तेश्वरानंद से हुए विवाद से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का यह संस्कार नहीं है कि वह किसी भी संत का अनादर करे। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रणाम करते हुए अनुरोध किया है कि वह अपना विरोध खत्म करके संगम में स्नान करें। उन्होंने संतों के साथ अभद्रता की शिकायतों की गहराई से जांच कराई जाएगी, इसके बाद दोषी लोगों पर कार्रवाई भी होगी।
वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य को माननेवाला हर व्यक्ति दुखी है और सनातन के अपमान से भावनाएं बुरी तरह आहत हुईं हैं। तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि अधर्मी भाजपाई और उनके सत्ता लोलुप संगी-साथी हर तरह की सत्ता पर क़ाबिज़ होना चाहते हैं, इसीलिए उनसे भी काग़ज़ मांग रहे हैं, जिनकी सनातनी परंपरा तब से चली आ रही है, जब काग़ज़ की उत्पत्ति भी नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि भाजपाइयों का ‘सनातन के समापन’ का सपना कभी पूरा नहीं होगा। चाहे प्रयागराज में ‘संतों-साधुओं-महात्माओं’ के अपमान का मामला हो या काशी में पूज्य अहिल्या देवी होल्कर की धरोहर के अपमानजनक ध्वस्तीकरण का, ये सब ‘सनातनी परंपरा’ को ख़त्म करने की भाजपाई संगी-साथियों की गहरी साज़िश है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि अब जनता जाग रही है और भाजपा सरकार के विरोध में खुलकर बोल रही है। भाजपा का मायावी रूप अब सबके सामने आ गया है और अब भाजपा पतन से अंत की ओर है।
