हरिद्वार,बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ऋषिकेश पहुंचे। यहां परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों ने शंखध्वनि, वेदमंत्रों और पुष्पवर्षा के साथ उनका पारंपरिक स्वागत किया। इस दौरान आश्रम परिसर आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया।
धीरेंद्र शास्त्री का परमार्थ निकेतन पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक स्वागत किया गया. गंगा तट पर स्थित इस प्रतिष्ठित आश्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती के साथ उनकी लंबी आध्यात्मिक चर्चा हुई. उन्होंने ‘ऋषिकेश विश्व आध्यात्म की राजधानी’ बताया. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “ऋषिकेश वह भूमि है जहां योग, ध्यान और सनातन चेतना एक साथ बहती है. यहां आने से आत्मा को शांति और दिशा मिलती है.” उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया भटकाव में है, तब भारत और ऋषिकेश वैश्विक मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सामूहिक कन्या विवाह जैसे आयोजन सनातन संस्कृति की सामाजिक संवेदनशीलता और करुणा का जीवंत उदाहरण हैं. उन्होंने कहा कि यह आयोजन निश्चित रूप से निर्धन परिवारों की बेटियों को सम्मान और सुरक्षा देता है. साथ ही समाज में समरसता और सहयोग की भावना को भी सशक्त करेगा। उन्होंने बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल, मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की प्रगति के विषय में विस्तार से जानकारी ली. आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अस्पताल की वर्तमान स्थिति, भावी योजनाओं और सेवा-उद्देश्य से अवगत कराया
