हरिद्वार,कर्णप्रयाग बाजार में 16 जून को निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद देशभर में उठे सिख संगठनों के विरोध और सुरक्षा संबंधी सवालों के बीच उत्तराखंड सरकार और पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। सिख समाज की तीन प्रमुख मांगों पर सहमति जताते हुए घायल श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साथ ही दोनों मुकदमों की जांच चमोली से हरिद्वार ट्रांसफर की गई है। इसके अलावा कर्णप्रयाग पुलिस द्वारा निहंग श्रद्धालुओं को पुलिस ने जिस तरह बिना दस्तार के पेश किया पुलिस के उस व्यवहार की जांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी यशवंत सिंह को सौंपी गई है।
अब इन मामलों की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर की निगरानी में की जाएगी। वहीं, सिख प्रतिनिधिमंडल द्वारा पुलिस पर दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच डीआइजी यशवंत सिंह को सौंपी गई है। उनसे दो सप्ताह में आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया है।
कर्णप्रयाग में 16 जून को निहंग और स्थानीय व्यक्तियों के बीच विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में थाना कर्णप्रयाग में निहंगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। इस प्रकरण पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी फोन पर वार्ता की थी। वहीं, विभिन्न सिख संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।
इसी क्रम में घायल निहंग के पिता सोमराज की शिकायत पर पुलिस ने शनिवार को थाना कर्णप्रयाग में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया।वहीं, सिख संगठनों द्वारा स्थानीय पुलिस के कथित व्यवहार और आचरण को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच भी पुलिस मुख्यालय ने शुरू कर दी है।
इस जांच की जिम्मेदारी डीआईजी यशवंत सिंह को सौंपी गई है। उन्हें दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल क्षेत्र राजीव स्वरूप ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है और प्रत्येक मामले में कानून के अनुरूप निष्पक्ष व न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण यात्रा है और इसकी सुरक्षा, शांति तथा सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
