उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। चारधाम यात्रा का श्रीगणेश 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व से होगा। अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुल जाएंगे। हालांकि चारधाम के कपाट खुलने की आधिकारिक घोषणा बीकेटीसी की ओर से महाशिवरात्रि पर्व पर की जाएगी। अभी चारधाम यात्रा शुरू होने में करीब तीन माह का वक्त शेष है। आज चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की बैठक ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप परिसर में की गई. इस दौरान फैसला लिया गया कि मोबाइल और कैमरा बैन किया जाएगा.
इस बैठक में गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप मुख्य रूप से उपस्थित रहे. गढ़वाल कमिश्नर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए चारधाम यात्रा से जुड़े तमाम विभागों के अधिकारियों से व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की और उन्हें व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं करने के निर्देश दिए.
इसके साथ ही बैठक में मुख्य रूप से निर्णय लिया गया कि इस साल से बदरीनाथ धाम में सिंह द्वार से आगे कोई भी मोबाइल और कैमरा नहीं जाएगा. बदरीनाथ केदारनाथ टेंपल कमेटी इसके लिए व्यवस्था क्लॉक रूम के माध्यम से बनाएगी. केदारनाथ धाम में भी चबूतरे पर कैमरा चलाने की परमिशन नहीं होगी. इस नियम को सख्ती से लागू कराया जाएगा.
