हरिद्वार, किसी भी राज्य में लोगों को शस्त्र लायसन्स बनवाना बहुत मुश्किल होता है लेकिन यहां तो बाहरी राज्यों के फर्जी शस्त्र लाइसेंस को उत्तराखंड में लाकर वैध कराने का सिलसिला जारी था जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनोज पुत्र भोपाल सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ग्राम भैंसवाल, थाना गढ़ीपुख्ता, जनपद शामली (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में केहरीगांव, थाना प्रेमनगर, देहरादून में रह रहा था। आरोपी को 15 जनवरी 2026 की देर रात गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा प्रस्तुत शस्त्र लाइसेंस को पहले जनपद सिरसा से मेरठ और फिर देहरादून स्थानांतरित दिखाया गया था। हालांकि, सिरसा जिला प्रशासन से सत्यापन कराने पर स्पष्ट हुआ कि ऐसा कोई शस्त्र लाइसेंस कभी जारी ही नहीं किया गया था।
गैंगस्टर और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत शुक्रवार को यह कार्रवाई की गई। पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ डॉ. नीलेश आनन्द भरणे के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक आर.बी. चमोला के पर्यवेक्षण में एसटीएफ टीम गठित की गई थी।
