हरिद्वार उत्तराखंड में वर्तमान धामी सरकार के 4 साल पूरा होने पर सरकार देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को लॉन्च करने जा रही है जिसको लेकर सरकार की तैयारी जोरों पर है जिसे फरवरी महीने में विधानसभा बजट सत्र से पहले होने वाली कैबिनेट बैठक से मंजूरी देने के बाद मार्च के दूसरे सप्ताह में होने वाले विधानसभा बजट सत्र के दौरान पेश किया जाएगा जहां से इसे विधेयक के रूप में पास करने के बाद 24 मार्च को प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। इस योजना के जरिए प्रदेश में रहने वाली आबादी को देवभूमि उत्तराखंड की एक यूनिक आईडी पहचान पत्र के रूप में दी जाएगी जिसके जरिए राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों का डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा जहां से योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा सकेगा। फिलहाल इस प्रस्ताव को तैयार करने के लिए विभाग कसरत कर रहा है 11 फरवरी से पहले तैयार करके कैबिनेट की बैठक में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
पिछले साल नवंबर में हुई कैबिनेट की बैठक में देवभूमि परिवार योजना को मंजूरी मिली थी। हरियाणा की तर्ज पर केंद्र व राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए परिवार पहचान पत्र बनाने का निर्णय लिया गया था। नियोजन विभाग ने इस योजना को लागू करने के लिए अलग प्रकोष्ठ बनाया था। पोर्टल भी तैयार किया गया है।
प्रमुख सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि देवभूमि परिवार पहचान पत्र योजना को कानूनी रूप से लागू करने के लिए एक्ट बनाया जा रहा है। एक्ट का प्रस्ताव फरवरी में कैबिनेट में लाया जाएगा।
इसके बाद मार्च में गैरसैंण में होने वाले बजट सत्र के दौरान सदन पटल पर रखा जाएगा। विधानसभा से पास होने के बाद एक्ट लागू हो जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि मार्च में ही प्रदेश में यह योजना लागू हो जाएगी।
