हरिद्वार,ऋषिकेश में जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए ₹1105 करोड़ की 4-लेन बाईपास परियोजना को मंजूरी मिल गई है. इस प्रोजेक्ट से चारधाम यात्रा के दौरान ट्रैफिक दबाव कम होगा.केंद्र सरकार ने ऋषिकेश बाईपास के फोरलेन निर्माण कार्य के लिए 1105.79 करोड़ की वित्तीय व प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। 12.67 किमी. बाईपास निर्माण से ऋषिकेश शहर में यातायात जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर से खरासोटे पुल तक विकसित की जाएगी. करीब 12.67 किलोमीटर लंबा यह बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा. इसे ईपीसी मोड पर तैयार किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सके इस परियोजना के पूरा होने के बाद ऋषिकेश में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा. खासतौर पर शहर में लगने वाले लंबे जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. स्थानीय निवासियों के साथ-साथ यात्रियों को भी सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा.
बाईपास बनने से चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. सरकार ने इस परियोजना को तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया है. खास बात यह है कि काम के दौरान लागत या समय बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी. पूरी प्रक्रिया ई-टेंडरिंग के जरिए पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी.
लागत में हुआ संशोधन, फिर मिली मंजूरी
शुरुआत में इस परियोजना की लागत 1151.18 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 1139.40 करोड़ किया गया. अंत में 1105.79 करोड़ रुपये की अंतिम स्वीकृति दी गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेहतर सड़क नेटवर्क तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है. यह परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी.
