हरिद्वार,पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर हुए रिकॉर्ड 89.93% मतदान ने चुनावी माहौल गरमा दिया है. बंपर वोटिंग किसके पक्ष में जाएगी, इस पर कयास जारी हैं. प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन इन दावों के बीच आइए जानते हैं कि पिछले चुनाव में इन सीटों पर किस पार्टी की जीत हुई थी.
शाम पांच बजे तक 89.93 फीसदी वोटिंग हुई है, जो अभी तक तक के चुनावी इतिहास का सर्वाधिक है. मतदान ने 2011 के चुनाव का रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. 2011 के विधानसभा चुनाव में 84 परसेंट वोटिंग हुई थी. इस बार पूरे राज्य में शाम 5 बजे तक मतदान का प्रतिशत करीब 90 परसेंट तक पहुंच गया.
साल 2026 के चुनाव में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग हुई है। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन- वोटर टर्नआउट एप पर रात आठ बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक बंगाल में 92 फीसदी से अधिक, जबकि तमिलनाडु में 85 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के प्रत्येक मतदाता को सलाम: चुनाव आयोग
बंगाल और तमिलनाडु में मतदान समाप्त होने के बाद देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के प्रत्येक मतदाता को सलाम करता है।
बंगाल में 91.40% और तमिलनाडु में 84.35% दर्ज हुआ मतदान
पहले चरण के मतदान में पश्चिम बंगाल में 91.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। वहीं, वहीं तमिलनाडु में भी 84.35 प्रतिशत वोटिंग हुई है। निर्वाचन आयोग की तरफ से अंतिम और आधिकारिक आंकड़े जारी होने के बाद मतदान प्रतिशत बढ़ सकते हैं। तमिलनाडु में 2011 का रिकॉर्ड टूटा है।
