उत्तराखंड के चंपावत जिले में नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. शादी समारोह में शामिल होने गई एक नाबालिग लड़की के साथ तीन युवकों द्वारा गैंगरेप किए जाने का आरोप लगा है. घटना के बाद पीड़िता एक डेयरी के पास बेहोशी की हालत में मिली, जिसके बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया आरोपी बच्ची को घर से किसी शादी में ले गया और फिर चाकू की नोंक पर उसके साथ बारी-बारी गलत काम किया। स्थानीय लोगों को बच्ची कमरे के अंदर नग्न अवस्था में मिली, उसके हाथ पैर भी बंधे हुए थे।तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) (दुष्कर्म), 127(2), 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(जी)/6 के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। घटनास्थल पर फोरेंसिक (फील्ड यूनिट) टीम को भेज कर साक्ष्य संकलन की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और वर्तमान में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष उसकी काउंसलिंग कराई गई है। जांच चल रही है, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बुधवार को चंपावत कोतवाली में एक व्यक्ति ने तहरीर देकर तीन लोगों पर उसकी नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। तहरीर में पिता ने बताया है वह एक बीमार रहतें हैं। उनका इलाज कराने के लिए उनकी बेटी उन्हें गांव से चंपावत लाई थी। उन्होंने बताया कि बीती पांच मई को उनकी नाबालिग बेटी शाम को घर नहीं लौटी। जब उन्होंने फोन कर पूछा तो उसने बताया दोपहर करीब 2:30 बजे विनोद सिंह रावत उसे शादी में सल्ली ले गया है जो उससे पिछले कुछ समय से बात करता था।
तहरीर में पिता ने बताया कि जब देर रात तक उनकी बेटी घर नहीं लौटी तो उसे फिर से फोन किया गया लेकिन उसका फोन नहीं लगा। देर रात 1:28 बजे उनकी बेटी ने उन्हें कॉल की लेकिन इसके तुरंत बाद उसका फोन स्विच ऑफ आने लगा।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों और पुलिस की खोजबीन के बाद तड़के करीब 4:00 बजे उनकी बेटी सल्ली क्षेत्र की डेयरी के पास एक कमरे में नग्न अवस्था में बंधी हुई मिली। पूछताछ में उनकी बेटी ने बताया सल्ली क्षेत्र के तीन लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने हथियार चाकू और बसुला उनकी बेटी के गले पर रख कर जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
इसके बाद तीनों आरोपियों ने उनकी बेटी को रस्सी से बांध कर नग्न अवस्था में कमरे में ताला लगा कर बंद कर दिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तल्लादेश के भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत, विनोद सिंह रावत और नवीन सिंह रावत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 (2) (दुष्कर्म), 127(2), 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डायल 112 से मिली जानकारी
पुलिस को डायल 112 पर सूचना मिली कि दोस्त की शादी में गई एक नाबालिग लापता हो गई है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तड़के ही नाबालिग की खोजबीन में जुट गई। काफी खोजने के बाद नाबालिग को एक डेयरी के पास एक कमरे से मिली। पुलिस उसे साथ ले गई। नाबालिग ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि गले पर हथियार लगा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपी विनोद प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहा था।
भाजपा का पूर्व मंडल उपाध्यक्ष प्रधान भी रह चुका है
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में शामिल एक आरोपी पूरन सिंह रावत पूर्व में तल्लादेश का भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रह चुका है। इसके अलावा वह पूर्व प्रधान भी रह चुका है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में लोगों में आक्रोश है। घटना के बाद क्षेत्र के लोग कोतवाली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग की। इस दौरान कोतवाली में दो पक्षों में मारपीट भी हुई। मामले की गंभीरता देखते हुए कोतवाली में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हंगामा कर रहे लोगों को पुलिस ने अलग-अलग कमरों में बैठाए रखा। कांग्रेस प्रदेश सचिव आनंद सिंह माहरा समेत कई लोग कोतवाली पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामला दर्ज करने में पुलिस ने काफी देरी की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। पीड़िता को जल्द न्याय मिलना चाहिए।
