उत्तराखंड,मलबे में दबी कार, खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं अलकनंदा-मंदाकिनी

हरिद्वार,प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा और आगामी मौसम चेतावनियों के कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से बात की। उन्होंने विभिन्न जिलों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। सीएम ने सभी आपदा प्रबंधन व राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

बुधवार देर रात केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिलवाड़ा स्थित स्मार्ट शौचालय के समीप अचानक एक गदेरा उफान पर आ गया। कुछ ही मिनटों में भारी मात्रा में पानी, बोल्डर और मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया, जिससे मार्ग पर अफरा-तफरी मच गई और कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गदेरे का जलस्तर अचानक बढ़ा और तेज बहाव के साथ आए मलबे ने हाईवे को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय मार्ग से गुजर रहे वाहन चालकों और यात्रियों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। रातभर क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए प्रभावित वाहनों को निकालने और मार्ग से मलबा हटाने का अभियान चलाया गया। घटना के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया।

गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। राज्य के शेष जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर तेज वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र प्रदेशभर की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

राज्य में 85 मार्ग बंद

प्रदेश में भूस्खलन के चलते 85 मार्ग बंद है। इसमें अल्मोड़ा दो, बागेश्वर 10, चमोली 20, देहरादून सात, नैनीताल में आठ मार्ग बंद है। पौड़ी पांच, पिथौरागढ़ 13, रुद्रप्रयाग छह, टिहरी आठ और उत्तरकाशी में छह मार्ग बंद है।

रुद्रप्रयाग जिले में बुधवार रात से जारी बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह अलकनंदा का जलस्तर 627.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 627.00 मीटर है। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 626.60 मीटर रहा, जबकि इसका खतरे का निशान 626.00 मीटर है। पिछले 24 घंटे में ऊखीमठ में 53.30 मिमी, जखोली में 59.00 मिमी और रुद्रप्रयाग में 16.00 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नगर पालिका और नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को नदी तटों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से नदी के समीप नहीं जाने की अपील की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *