हरिद्वार,अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। अब किसी भी भर्ती में आवेदन करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इससे फर्जी और डुप्लीकेट आवेदनों पर पूरी तरह रोक लगेगी। इसके अलावा, परीक्षाओं में मुन्नाभाईयों को रोकने के लिए अब सिर्फ कागजों पर हाजिरी नहीं होगी, बल्कि अभ्यर्थियों की हथेली और आंखों की रेटिना भी स्कैन की जाएगी। समूह-ग की 1737 नई भर्तियां निकालने से ठीक पहले आयोग ने इन नए नियमों का ऐलान किया है
आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि आयोग ने बीते तीन वर्षों में रिकॉर्ड काम किया। 72 प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से 7092 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभागों को संस्तुति भेजी जा चुकी है। लगभग 3500 पदों पर चयन प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है। इस वित्तीय वर्ष में समूह-ग के 1100 पदों का विज्ञापन निकल चुका है जबकि 1737 अन्य पदों के लिए विज्ञापन निकालने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मर्तोलिया ने बताया कि परीक्षाओं को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लाइव सीसीटीवी का उपयोग किया जाएगा। अब केवल कागजों पर हाजिरी नहीं होगी। अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए हथेली और आंखों की पुतली को भी स्कैन किया जाएगा।
आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने पारदर्शिता और चयन में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) आयोजित करने की योजना बनाई है। वहीं, हर जिले में आदर्श परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे और कम संख्या वाली परीक्षाओं के लिए आयोग अपना खुद का कंप्यूटर लैब और परीक्षा भवन स्थापित कर रहा है। आयोग ने उम्मीदवारों की सुविधा के लिए आईवीआर तकनीक लागू की है। अब अभ्यर्थी टोल-फ्री नंबर 9520991172 या व्हाट्सएप 9520991174 के जरिए अपने आवेदन की स्थिति, एडमिट कार्ड और परीक्षा तिथि की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, डुप्लीकेट आवेदनों को रोकने के लिए अब आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।
