दिल्ली,केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में कड़े संशोधन वाले नए बिल को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इस संशोधित विधेयक के तहत दोषियों के लिए 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसे आगामी सोमवार को संसद में पेश किए जाने की तैयारी है।
इससे पहले गुरुवार को पीएम मोदी पेपर लीक से जुड़े मुद्दो को लेकर वीडियो शेयर किया था. जिसमें उन्होंने कहा ‘पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है. लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है. इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं. गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं. हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया.19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया. हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है.’
27 जुलाई को सदन में लाया जा सकता है. इससे पहले शुक्रवार को भी दोनों सदनों में पेपर लीक मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ था. जिसके बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई रविवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
NEET UG पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और मई में NEET-UG पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की जा रही है।
पेपर लीक की मांगों के खिलाफ एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन किया था और संसद में भी हंगामा जारी है। इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है। अब तक अलग-अलग राज्यों से 13 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
देश में पहले ही से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इसे 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। सरकार नए संशोधन कर कानून को और सख्त और प्रभावशाली करने की तैयारी में है।
देश में पेपर लीक से जुड़ा जो अधिनियम लागू है, उसमें यह प्रावधान हैं। पेपर लीक करने परः 3 से 5 साल जेल और 10 लाख तक जुर्माना
गिरोह शामिल होने परः 5 से 10 साल जेल और 1 करोड़ तक जुर्माना एजेंसी दोषी होने परः 1 करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूली और अगले 4 साल परीक्षा कराने पर बैन इस कानून के तहत अपराध गैर जमानती है और समझौता नहीं हो सकता। जांच DSP रैंक या उससे सीनियर अफसर करेंगे।
