हरिद्वार,ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के बीएएमएस द्वितीय वर्ष के छात्र ने गंगा में कूदकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार शाम छात्र यशपाल (23) पुत्र पुष्पेंद्र पाल निवासी साही भवन इंद्रा नगर जिला गोरखपुर यूपी हाल मायापुर का शव पथरी पावर हाउस से बरामद हुआ। कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने खुद को असफल इंसान बताने के साथ ही जिंदगी से हार जाने का जिक्र करते हुए जान देने की बात कही है।
गुरुवार को एग्जाम देने के बाद शनिवार (7 फरवरी) को ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज हरिद्वार के BAMS सेंकेंड ईयर के छात्र यशपाल (उम्र 23) ने आत्महत्या कर की ली थी. यशपाल ने अपनी जान देने से पहले एक नोट भी छोड़ा था. तभी से यशपाल की तलाश की जा रही थी. आज 14 फरवरी को यशपाल का शव गंगनगर से मिला, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा.
आक्रोशित छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में समय से एग्जाम नहीं हो पा रहे हैं इसलिए डिग्री पूरी होने में 6 से 7 साल तक लग रहे हैं. उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के सभी कॉलेजों के छात्र तनाव में है. हंगामा कर रहे छात्रों ने कॉलेज में तालाबंदी भी की है.
वहीं, कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि मृतक छात्र का एग्जाम अच्छा नहीं हुआ था, जिसका तनाव वह नहीं झेल पाया. ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के हेड अनूप गक्खड़ का कहना है कि, छात्र का 2022 का एडमिशन है. सेंडर इयर का स्टूडेंट था. इसकी दो विषयों में सप्लीमेंट्री थी. सप्लीमेंट्री एग्जाम पेपर उसका अच्छा नहीं हुआ था. एग्जाम प्रक्रिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि, ये प्रोसेस विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित होता है. निर्देश वहां से आता है कि एग्जाम कब कराना है. विवि की जानकारी में भी है. थोड़ा टेक्निकल इश्यू ये भी रहा कि नए रूल में जांच दो बार हो रही है तो उसमें भी थोड़ा टाइम लग जाता है.
