अखाड़ा श्री शम्भू पंच दश नाम आवाहन नागा संन्यासी ने कुंभ मेला अधिकारी को सौंपा मांग पत्र, 100×150 फीट भूमि सहित बिजली, शौचालय, स्नानघर और टेंट की व्यवस्था की मांग
हरिद्वार….हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों के बीच संत-महात्माओं और अखाड़ों के शिविरों की व्यवस्थाओं का मुद्दा उठने लगा है। इसी क्रम में अखाड़ा श्री शम्भू पंच दश नाम आवाहन नागा संन्यासी के महंत शक्ति गिरि जी महाराज ने कुंभ मेला अधिकारी को पत्र भेजकर मेले के दौरान शिविर स्थापित करने के लिए भूमि और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
महंत शक्ति गिरि जी महाराज ने अपने मांग पत्र में शिविर के लिए 100×150 फीट भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही चारों ओर सात फीट से अधिक ऊंचाई की टिन की घेराबंदी कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में देशभर से संत-महात्मा, नागा संन्यासी और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में संतों के शिविरों के लिए समय रहते भूमि और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करना मेला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
संतों की सुविधा और सम्मान का रखा जाए विशेष ध्यान
महंत शक्ति गिरि जी महाराज ने कहा, “कुंभ मेला सनातन धर्म की आस्था, परंपरा और साधु-संतों की तपस्या का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से संत-महात्मा और नागा संन्यासी हरिद्वार पहुंचते हैं। संत समाज की धार्मिक परंपराओं के निर्वहन और शिविरों के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। हमारी मांग है कि मेला प्रशासन संत समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समय रहते भूमि और मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे, ताकि कुंभ मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।”
शिविर के लिए मांगीं ये सुविधाएं
महंत शक्ति गिरि जी महाराज ने अपने पत्र में शिविर के लिए एक स्टोर टेंट, दो ईपी टेंट, दो कॉटेज टेंट, चार कमोड वाले शौचालय, छह सामान्य शौचालय, आठ स्नानघर और चार पेशाबघर उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त शिविर में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने, 10 ट्यूबलाइट और 10 बल्ब की व्यवस्था कराने का भी अनुरोध किया गया है।
उन्होंने मेला प्रशासन से आग्रह किया कि संत समाज की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शिविर के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
महंत शक्ति गिरि जी महाराज ने उम्मीद जताई कि कुंभ मेला प्रशासन संतों की धार्मिक आवश्यकताओं और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए उचित निर्णय लेगा, जिससे वर्ष 2027 का कुंभ मेला धार्मिक गरिमा, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और संत समाज के सम्मान के साथ संपन्न हो l
