हरिद्वार,एम्स ऋषिकेश का छठा दीक्षांत समारोह 23 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इसमें भारत के उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि होंगे। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। पुलिस महकमे ने पूरी तरह से अलर्ट जारी कर दिया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार सबसे अधिक पदक एमबीबीएस के छात्र डॉ. देवांग अग्रवाल के नाम हैं। जिन्हें सर्वाधिक 07 पदक, 07 सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर और 01 सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस से नवाजा जाएगा। दूसरे स्थान पर डॉ. रश्मीत कौर को 02 पदक और 05 अन्य सम्मान प्रदान किए जाएंगे। इनके साथ कुल 386 छात्रों को एमबीबीएस, नर्सिंग, एमडी, एमएस, डीएम और पीएचडी जैसी उपाधियां दी जाएंगी।
कार्यकारी निदेशक ने बताया कि एम्स ऋषिकेश वर्तमान में 49 विभागों के माध्यम से सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं दे रहा है। संस्थान ने अब तक 1.5 लाख से अधिक सर्जरी और 7,000 से अधिक नवजात उपचार सफलतापूर्वक संपन्न किए हैं।
मंगलवार को संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह और डीन एकेडमिक प्रो. डॉ. सौरभ वार्ष्णेय ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। बताया कि इस वर्ष मेधावियों को कुल 23 पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 13 स्वर्ण, 5 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल हैं।
मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित एक विशेष ब्रीफिंग में, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस बल के साथ बैठक की। इस बैठक में उपराष्ट्रपति के दौरे से संबंधित सुरक्षा प्रोटोकॉल और विभिन्न व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा की गई।
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि वीवीआईपी रूट और कार्यक्रम स्थल पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने ड्यूटी स्थल पर निर्धारित समय से कम से कम तीन घंटे पहले पहुंचें। इसके साथ ही, पहचान पत्र और ड्यूटी कार्ड साथ रखना अनिवार्य है। ड्यूटी स्थल और आसपास के क्षेत्र की गहन जांच-पड़ताल करने के भी आदेश दिए गए हैं।
