उत्तराखंड से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है एसटीएफ (STF) ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टो निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने नवीन सिंह नेगी (निवासी रुद्रप्रयाग, हाल रायपुर) और कविता परमार (निवासी बालावाला, देहरादून) को गिरफ्तार किया
इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली बताया जा रहा है। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया। निवेशकों को हर महीने पांच से आठ प्रतिशत तक मुनाफा देने का भरोसा दिलाया जाता था। इसके साथ ही नए निवेशकों को जोड़ने पर रेफरल कमीशन का लालच देकर नेटवर्क का विस्तार किया गया।
इस नेटवर्क से जुड़े धोखाधड़ी के कई मामले देहरादून में भी दर्ज हैं। रायपुर थाने में 25 करोड़ और 12 करोड़ रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं। 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में 160 से अधिक निवेशकों के प्रभावित होने की बात सामने आई थी। वहीं, क्लेमेंटटाउन थाने में एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी से 1.55 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज है।
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी बॉटब्रो, बॉटअल्फा, क्रॉस मार्केट, माइन क्रिप्टो, मेटा ट्रेड 5, फाइनेंशियल फ्रीडम और टीएलसी कॉइन जैसी कंपनियों के नाम पर लोगों से निवेश कराते थे। निवेशकों को मोटे मुनाफे और विदेश यात्राओं का लालच दिया जाता था। जांच में ये कंपनियां भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड में पंजीकृत नहीं पाई गईं। एसटीएफ के अनुसार, नेटवर्क का मुख्य सरगना लविश चौधरी विदेश में बैठकर इसे संचालित कर रहा था।
नवीन और कविता की नेटवर्क में भूमिका
गिरफ्तार नवीन सिंह नेगी रुद्रप्रयाग का निवासी है और फिलहाल रायपुर में रह रहा था। एसटीएफ के अनुसार, वह वर्ष 2022 से क्यूएफएक्स कंपनी से जुड़ा था। बाद में बॉटब्रो और बॉटअल्फा के जरिए लोगों को निवेश के लिए जोड़ने लगा। वहीं, बालावाला निवासी कविता परमार कंपनी में सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव थी। उसकी रोबोटिक आईडी से करीब 10 से 15 हजार लोग जुड़े हुए थे।
कंपनी के खर्च पर 12 से 13 बार विदेश यात्रा
जांच में पता चला कि कविता वर्ष 2023 से 2026 के बीच कंपनी के सेमिनार में शामिल होने के लिए मलेशिया, थाईलैंड, दुबई और वियतनाम की 12 से 13 यात्राएं कर चुकी थी। इन यात्राओं का खर्च कंपनी उठाती थी। उसके बैंक खातों में 30 सितंबर 2024 से 8 फरवरी 2025 के बीच करीब 42.14 लाख रुपये का नकद लेनदेन भी मिला है।
बॉटब्रो बंद होने के बाद रिसेनवेज से नेटवर्क
एसटीएफ के मुताबिक, बॉटब्रो कंपनी बंद होने और मुकदमे दर्ज होने के बाद भी आरोपियों ने रिसेनवेज नाम से नया नेटवर्क शुरू कर दिया। इसके जरिए ऑनलाइन बैठकें कर लोगों को दोबारा निवेश के लिए जोड़ने का प्रचार किया जा रहा था। एसटीएफ ने आरोपियों से वीवो और ओप्पो के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें बैंकिंग विवरण, ऑनलाइन लेनदेन, व्हाट्सएप बातचीत और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े साक्ष्य मिलने की संभावना है
