21 सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन भी आमरण अनशन जारी, आशु मलिक की तबीयत बिगड़ी; चिकित्सकों ने की जांच

हरिद्वार,गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार में छात्रहित की 21 सूत्रीय मांगों एवं कुलपति महोदया के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदेश अध्यक्ष बजरंग वाहिनी दल उत्तराखंड एवं विश्वविद्यालय के छात्र आशु मलिक का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा।

 

लगातार अनशन के चलते बुधवार को आशु मलिक की तबीयत में गिरावट देखी गई। अनशन स्थल पर चिकित्सकों द्वारा उनकी स्वास्थ्य जांच की गई तथा स्वास्थ्य की स्थिति पर निगरानी रखी गई। चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी।

 

प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग

 

आशु मलिक ने कहा कि छात्रहित से जुड़ी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर मांग-पत्र विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारियों एवं कुलाधिपति के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है, लेकिन आंदोलनकारियों की ओर से अब भी मांगों पर ठोस, लिखित एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग की जा रही है।

 

उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और छात्रों की समस्याओं का समाधान कराना है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि अनशन की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए छात्रों की मांगों पर वार्ता एवं सकारात्मक कार्रवाई की जाए।

 

छात्रों का समर्थन बढ़ने का दावा

 

अनशन स्थल पर मौजूद समर्थकों के अनुसार, छात्रों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में छात्र 21 सूत्रीय मांगों के समर्थन में अनशन स्थल पर पहुंच रहे हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।

 

छात्रों ने विशेष रूप से Student–Administration Committee का गठन, Debate Room की स्थापना, कैंटीन का पुनः संचालन, विभागों के स्थानांतरण पर रोक, छात्र प्रतिनिधित्व की बहाली, छात्रावास एवं मूलभूत सुविधाओं में सुधार, पुस्तकालय में आवश्यक पुस्तकों की उपलब्धता, Gym एवं Sports Infrastructure का विकास तथा योग विज्ञान विभाग के स्थानांतरण की समीक्षा जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया।

 

कुलपति के इस्तीफे की मांग पर कायम

 

आशु मलिक ने कहा कि छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर लगातार आवाज उठाए जाने के बावजूद यदि समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं होता है, तो कुलपति महोदया के इस्तीफे की मांग भी जारी रहेगी।

 

उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि छात्रहित, पारदर्शी प्रशासन, बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था एवं विश्वविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं के लिए है।

 

आशु मलिक ने कहा कि जब तक 21 सूत्रीय मांगों पर ठोस एवं लिखित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आमरण अनशन एवं छात्रहित का संघर्ष जारी रहेगा।

 

दिनांक: 07 अक्टूबर 2026

स्थान: प्रशासनिक भवन, गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार

 

आशु मलिक

प्रदेश अध्यक्ष, बजरंग वाहिनी दल उत्तराखंड

छात्र, गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार

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