हरिद्वार,देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के साथ सबसे बड़ा खिलवाड़ बताय उन्होंने उत्तराखंड (देवभूमि) को पेपर लीक का ‘एपिसेंटर’ (केंद्र) बताते हुए राज्य की भर्ती और परीक्षा प्रणाली में आमूल-चूल सुधार की मांग की
मिली जानकारी अनुसार लगभग साढ़े चार साल बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को देहरादून पहुंचे। बन्नू कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से उन्होंने संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य लगातार पेपर लीक की घटनाओं से बर्बाद हो रहा है
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि वह 17 जुलाई को देहरादून इसलिए आ रहे हैं क्योंकि देवभूमि उत्तराखंड को पेपर लीक का एपिसेंटर बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UKSSSC की परीक्षाओं में एक ऐसा तंत्र विकसित हो गया है, जहां पटवारी और लेखपाल जैसी सरकारी नौकरियां योग्यता से नहीं, बल्कि अपराधियों द्वारा तय की गई कीमतों पर मिल रही हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह स्थिति युवाओं के साथ अन्याय है और इससे उनकी मेहनत और सपनों पर सीधा हमला हो रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून तो बना दिया, लेकिन इसका कोई असर दिखाई नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कानून सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया, जबकि परीक्षा के प्रश्नपत्र लगातार बाजार में बिकते रहे। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। यदि कानून बनने के बाद भी पेपर लीक जारी हैं तो यह व्यवस्था की विफलता है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में UKSSSC भर्ती परीक्षा, पटवारी-लेखपाल भर्ती, वन दरोगा, जेई, पुलिस भर्ती सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और भर्ती घोटालों के मामले सामने आए हैं।इन मामलों को लेकर विपक्ष लगातार बीजेपी सरकार पर निशाना साधता रहा है। राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू करने और आरोपियों पर कार्रवाई का दावा किया है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि पेपर लीक की घटनाएं पूरी तरह नहीं रुकी हैं।
