उत्तर प्रदेश, मथुरा धर्मनगरी वृंदावन के वाराहघाट स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम से एक हैरान कर देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है। संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित 25 वर्षीय युवा साधु दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की चार मंजिला इमारत से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद आश्रम में हड़कंप मच गया। उनसे सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोट आई. उनके प्राइवेट पार्ट भी कट गए थे.ऐसे में मामला केवल आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या की आशंका भी पैदा कर रहा है. गंभीर हालत में उसे सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.
पुलिस का कहना है कि पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है. मृतक के कमरे से एक ग्राइंडर बरामद हुआ है, जिस पर खून के निशान मिले हैं. आशंका जताई जा रही है कि उसने पहले अपना प्राइवेट पार्ट काटा और उसके बाद चौथी मंजिल से छलांग लगा दी. हालांकि पुलिस आत्महत्या और हत्या, दोनों कोणों से जांच कर रही है.
दीपक की मौत के बाद पुलिस ने उसके कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया. फोरेंसिक टीम ने मौके से कई साक्ष्य जुटाए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई व्यक्ति आत्महत्या से पहले स्वयं अपना प्राइवेट पार्ट काट सकता है. इस प्रश्न का उत्तर जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा .
दीपक पिछले दो वर्षों से प्रेमानंद महाराज से जुड़ा हुआ था. उसने सितंबर 2025 में दीक्षा ग्रहण की थी, जिसके बाद उसका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया. वह वृंदावन में रहकर भजन-साधना करता था. दीपक को बिजली का कार्य आता था और वह केली कुंज आश्रम में बिजली से संबंधित काम करता था. जून 2026 से वह गुरु कृपा कुंज आश्रम की तीसरी मंजिल पर रह रहा था. उसने दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की थी.
आश्रम प्रबंधन ने पुलिस को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी?
घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आश्रम प्रबंधन ने पुलिस को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी. पुलिस को घटना की जानकारी अस्पताल से मिली, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और अस्पताल पहुंची. वहां उसे प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत की सूचना मिली.
