हरिद्वार, कोटद्वार का बहुचर्चित मामला मोहम्मद दीपक नाम का यक्ति कुछ समय पहले सुर्खियां बटोर रहा था लेकिन आज मोहम्मद दीपक नाम के युवक की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है जिसके चलते वह नौकरी तलाश रहे है वही कोटद्वार भी छोड़कर जाना चाहते है मुस्लिम दुकानदार का समर्थन करने के बाद विवाद बढ़ने से उनके जिम का कारोबार प्रभावित हुआ है. दीपक चार महीने से किराया नहीं दे पाए हैं और मकान मालिक ने उन्हें अंतिम चेतावनी दी है.
42 वर्षीय दीपक कुमार का कोटद्वार में ‘हल्क’ नाम से जिम है। उनका कहना है कि चार महीने का किराया न चुका पाने पर मकान मालिक ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें बाहर निकालने के लिए “बाहरी लोगों ने मकान मालिक पर दबाव डाला या नहीं।” दीपक ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि बजरंग दल के डर और अन्य दबाव के कारण उनके जिम में लोगों का आना बहुत कम हो गया है। अब वह जिम के उपकरण बेचकर शहर छोड़ किसी नौकरी की तलाश करने के बारे में सोच रहे हैं।
हालांकि दीपक के जिम के मकान मालिक रवि कुमार मनराल कहते हैं कि उन्होंने खाली करने को नहीं कहा है। उन्होंने दीपक से किराये को लेकर स्थिति स्प्ष्ट करने का कहा है।
दीपक ने आरोप लगाया कि भाजपा और बजरंग दल के लोग उनके जिम के ग्राहकों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये लोग उन जिम सदस्यों के घर जाते हैं जिनके माता-पिता भाजपा से जुड़े हैं और उन्हें जिम आने से रोकते हैं।” उन्होंने कहा, “इस साजिश ने मेरे व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।” उधर, मामले में कोटद्वार के इंस्पेक्टर प्रदीप नेगी ने कहा कि पुलिस को अब तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।
मार्च में दीपक कुमार ने उत्तराखंड हाईकोर्ट का भी रुख किया था। हालांकि अदालत ने दीपक कुमार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। एफआईआर में उन पर उपद्रवियों पर हमला करने का आरोप लगाया गया था। जस्टिस राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने दीपक को मामले के विचाराधीन होने तक सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ी पोस्ट न करने का निर्देश भी दिया था।
