हरिद्वार, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को परमार्थ निकेतन पहुंचकर गंगा पूजन और आरती का मां गंगा का लिया आशीर्वाद इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
परमार्थ निकेतन में आयोजित संत समागम में राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, पर्यावरण संरक्षण, युवा सशक्तिकरण और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ जैसे भारतीय आदर्शों पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में स्वामी अवधेशानंद गिरि, स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती, स्वामी कैलाशानंद, महंत रवींद्र पुरी, साध्वी भगवती सरस्वती, आचार्य बालकृष्ण सहित कई संत-महात्मा उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज भी भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक चेतना विश्व को आकर्षित कर रही है। उत्तराखंड जैसी देवभूमि हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा है, जहां से पूरे देश को आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि गंगा, संत परंपरा और भारतीय संस्कृति का संरक्षण केवल धार्मिक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि ने मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए गंगा संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं मानव सेवा के संदेश पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर निरंतर नयी ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है तथा राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों से देश की प्रतिष्ठा विश्वभर में बढ़ी है।
उत्तराखंड को दिव्यता, संयम और संगम की धरती बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों की सराहना की। उन्होंने गंगा एवं भारतीय संस्कृति के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया।
इस दौरान जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, निरंजन अखाड़े के महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट, उप जिलाधिकारी चतर सिंह चौहान सहित विभिन्न अधिकारी, संत-महात्मा, श्रद्धालु एवं देश-विदेश से आए पर्यटक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
