उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे (दमदमा साहिब) में निहंगों का हंगामा और कब्जा अभी भी जारी है。 स्थिति को नियंत्रित करने और तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए भारी पुलिस बल, पीएसी और आईटीबीपी के जवान तैनात किए गए हैं。 वहीं एहतियातन क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई
कर्णप्रयाग में निहंगों द्वारा की गई मारपीट, तलवार से जानलेवा हमले के बाद निहंगों के कर्णप्रयाग पहुंचने की आशंकाओं के बीच पुलिस प्रशासन सख्त है। चमोली की सीमाओं पर पुलिस, पीएसी के साथ आईटीबीपी लगाई गई है। कर्णप्रयाग में भी भारी पुलिस फोर्स तैनात हैं। कर्णप्रयाग में इंटरनेट सेवा भी बंद है। हालांकि जिले में शांति है।
चमोली की सीमाओं में ग्वालदम, मैहलचौरी, चोपता धोतीधार व गौचर में अन्य जनपदों से लगती हैं ऐसे में इन रास्तों पर पुलिस के साथ आईटीबीपी, पीएसी तैनात की गई है।
कर्णप्रयाग में 27 जून तक निषेधाज्ञा लागू की गई है अधिक व्यक्तियों के एक जगह एकत्रित होने पर रोक है। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने क, हां कि जिले में शांति व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित है। हेमकुंड साहिब व बदरीनाथ धाम की यात्रा सुचारू है।
कर्णप्रयाग में धारा 163 लागू: विभिन्न संगठनों की ओर से कर्णप्रयाग कूच के आह्वान और खुफिया इनपुट के आधार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए SDM अल्केश नौटियाल ने कर्णप्रयाग परगना क्षेत्र में BNSS की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी: शासन स्तर पर गृह सचिव शैलेश बगौली ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस विवाद को सांप्रदायिक रंग देकर सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को सौंपी गई है और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है।
