हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए इस बार तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने बुधवार को कुंभ की तैयारियों की समीक्षा के दौरान AI आधारित व्यवस्थाओं, आधुनिक सर्विलांस और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कुंभ मेला अधिकारी सोनिका और पुलिस महानिरीक्षक डॉ. योगेंद्र रावत ने लोक भवन में राज्यपाल को मेले की तैयारियों की जानकारी दी। मेला 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2027 तक चलेगा। इस दौरान 10 स्नान पर्व होंगे, जिनमें चार अमृत स्नान शामिल हैं।
राज्यपाल ने कुंभ मेले में तकनीक एवं एआई आधारित व्यवस्थाओं, आधुनिक सर्विलांस प्रणाली व भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर अनुभव के लिए उपलब्ध आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने मेले की व्यवस्थाओं में एनसीसी, विश्वविद्यालयों, पूर्व सैनिकों, स्वयंसेवी संगठनों सहित विभिन्न हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्वच्छता एवं सैनिटेशन व्यवस्था को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
मेला अधिकारी सोनिका ने बताया कि कुंभ मेला एक जनवरी से 30 अप्रैल 2027 तक आयोजित होगा। इसमें कुल 10 स्नान पर्व होंगे, जिनमें चार अमृत स्नान शामिल हैं। बताया कि कुंभ क्षेत्र को चार जिलों और 32 सेक्टरों में विभाजित कर व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों, पुलों, सड़कों सहित स्थायी निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। साथ ही अस्थायी टेंट सिटी एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास का कार्य भी प्रगति पर है। पुलिस महानिरीक्षक कुंभ ने राज्यपाल को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की तैयारियों की जानकारी दी।
