हरिद्वार,उत्तराखंड कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (हरदा) और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा के बीच अंदरूनी टकराव खुलकर सामने आ गया है। कुमारी सैलजा ने हरीश रावत की व्यक्तिगत ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ और रोड शो पर आपत्ति जताते हुए इसे रोकने के लिए एक कड़ा पत्र लिखा था।इसके बावजूद, हरदा ने आलाकमान के निर्देशों को दरकिनार कर अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखने का फैसला किया है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ईडी द्वारा उनके निजी सचिव और मुख्यमंत्री रहते ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी के बाद काफी नाराजगी जताई. नाराजगी जताने के साथ ही उन्होंने दिल्ली से उत्तराखंड आते ही यात्रा, रोड शो और कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी. कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा को हरीश रावत के ये कार्यक्रम पसंद नहीं आए और उन्होंने चिट्ठी लिखकर इन्हें गलत बताते हुए रोकने को कहा. लेकिन लगता है हरीश रावत कांग्रेस नेतृत्व से आर-पार की लड़ाई की ठान चुके हैं.
कुमारी सैलजा की चिट्ठी का नहीं हुआ कोई असर:हरीश रावत ने उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी सैलजा की नाराजगी जताती चिट्ठी की परवाह नहीं करते हुए हरीश रावत ने पांच अक्टूबर का अपना पूरा शेड्यूल जारी कर दिया. कुमारी सैलजा ने जहां हरीश रावत से उनके कार्यक्रम तुरंत रोकने को कहा था वहीं हरदा ने पांच अक्टूबर का सुबह 11.30 से शाम 5 बजे तक के कार्यक्रमों का विस्तृत शेड्यूल सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया है.
क्या हरीश रावत और कांग्रेस आलाकमान में है टकराव: ऐसे में अब लग रहा है कि कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस हाईकमान के बीच टकराव तय है. इधर हरीश रावत की बेटी और हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने भी अपने पिता के समर्थन में उतर गई
हरदा का पलटवार: कुमारी सैलजा की चिट्ठी का हरीश रावत पर कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि उत्तराखंड के स्वाभिमान के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी और यात्रा नहीं रुकेगी। उन्होंने कुमाऊं के जसपुर से हल्द्वानी तक का अपना विस्तृत शेड्यूल भी जारी कर दिया और यात्रा पर निकल गए।
इस बढ़ते अंदरूनी कलह और अनुशासनहीनता की स्थिति को देखते हुए अब कांग्रेस हाईकमान ने दोनों गुटों को दिल्ली तलब किया है
