उत्तराखंड,उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक 16 अक्टूबर को वोटिंग होगी और इसी दिन शाम 5 बजे से वोटिंग शुरू होगी। मौजूदा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। 29 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी।राज्यसभा की कुल 3 सीटें हैं। अभी तीनों सीटों पर भाजपा के नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट और डॉ. कल्पना सैनी हैं। इनमें सिर्फ नरेश बंसल की सीट का कार्यकाल पूरा हो रहा है।अभी किसी पार्टी ने इस सीट के लिए उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। 2020 में नरेश बंसल निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे थे। उस समय उनके अलावा किसी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया था।
अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने इस सीट के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है. गौर करने वाली बात यह है कि 2020 में हुए पिछले चुनाव में नरेश बंसल को निर्विरोध राज्यसभा भेजा गया था, क्योंकि उस वक्त उनके सामने किसी अन्य दल या नेता ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया था. इस बार की तस्वीर भी लगभग वैसी ही है. बस सवाल यह है कि बीजेपी एक बार फिर नरेश बंसल पर भरोसा जताएगी या किसी नए चेहरे को आगे बढ़ाकर राज्यसभा भेजेगी.
बीजेपी के पक्ष में संख्या बल
राज्यसभा चुनाव में मतदान का अधिकार सीधे जनता के पास नहीं, बल्कि राज्य विधानसभा के निर्वाचित विधायकों के पास होता है. उत्तराखंड विधानसभा की मौजूदा स्थिति में बीजेपी के पास अकेले 47 विधायक हैं, जो किसी भी उम्मीदवार को आसानी से जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल है. यही वजह है कि बीजेपी प्रत्याशी की जीत को लगभग तय माना जा रहा है.
दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से इस चुनाव को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि पिछली बार की तरह इस बार भी कांग्रेस अपना कोई उम्मीदवार मैदान में उतारने की स्थिति में नहीं है.ऐसे में अब सबकी निगाहें बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं. आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि पार्टी नरेश बंसल को दोबारा मौका देती है या किसी नए नाम पर दांव लगाती है.
